प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की जांच का सामना कर रहे सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह के बेटे रणइंदर सिंह शुक्रवार को ईडी के सामने पेश नहीं हुए। इस बार पेश न होने की वजह सेहत ठीक न होना बताया जा रहा है। रणइंदर सिंह को खांसी जुकाम है और उनका कोरोना टेस्ट किया गया है। चिकित्सकों ने उनको एकांतवास में जाने की सलाह दी है। पिछले माह भी रणइंदर सिंह को ईडी के सामने पेश होने के लिए बुलाया गया था लेकिन वह तब भी पेश नहीं हुए थे। उस समय वह नेशनल राइफल एसोसिएशन के प्रधान होने के कारण ओलंपिक खेलों को लेकर संसदीय पैनल की बैठक में शामिल होने गए थे।
ईडी ने 2016 में रणइंदर सिंह पर फेमा (फॉरेन एक्सचेंज मैनेजमेंट एक्ट) के तहत दर्ज मामले में जांच शुरू की थी। उस समय रणइंदर को समन भेजकर जालंधर स्थित दफ्तर में बुलाया गया था। तब रणइंदर ईडी के सामने पेश भी हुए थे और जांच में सहयोग की बात कही थी।
रणइंदर सिंह पर आरोप है कि उन्होंने ब्रिटिश आइसलैंड में ट्रस्ट बनाया है। एचएसबीसी के जरिए खोले गए ट्रस्ट के बैंक खातों में करोड़ों रुपये की ट्रांजेक्शन किए जाने की जांच की जा रही है। ट्रस्ट द्वारा चार कंपनियां बनाई गई थीं। लंदन व दुबई में भी प्रॉपर्टी और बैंक खातों में ट्रांजेक्शन की गई थी। 2013 में ट्रस्ट की करोड़ों की राशि अन्य खातों में ट्रांसफर की गई थी। इसकी जांच आयकर विभाग भी कर रहा है।