साध्वी रेप केस में जेल में कैद राम रहीम की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं, क्योंकि डेरे के अस्पताल में एक शर्मनाक काम किया जाता है। इसका खुलासा तलाशी के दौरान हुआ। डेरा सच्चा सौदा की तीन दिन की तलाशी के दौरान कई सचा सामने आए।
शनिवार को डेरे में स्थित एमएसजी अस्पताल की जांच गई। इस दौरान यह तथ्य सामने आया कि अस्पताल में बड़े पैमाने पर गर्भपात किया जाता था। गर्भपात के लिए इस्तेमाल होने वाली एमटीपी (मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेगनेंसी) के मामले में भारी गड़बड़ियां मिली हैं। डेरे में मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेगनेंसी एक्ट (एमटीपी) का भी पालन नहीं किया जा रहा था।
डेरे में चल रही चार आरा मशीनों के भी दस्तावेज चेक किए गए, जिनमें से दो बिना लाइसेंस के चलती पाई गईं। इन दो आरा मशीनों को सील कर दिया गया है। उपायुक्त प्रभजोत सिंह ने भी बताया कि शनिवार को सर्च के दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीम ने डेरे के अस्पताल में चल रही गतिविधियों की बारीकी से जांच की।
शरीर दान के नाम पर भी चल रहा था गोरखधंधा
Ram rahim
डेरा की तलाशी में यह बात भी सामने आई कि यहां शरीर दान के संबंध में भी भारी अनियमितताएं की गई। गौरतलब है कि डेरा सच्चा सौदा बड़े पैमाने पर शरीर दान के नाम पर मरने के बाद अपने अनुयायियों का शव विभिन्न मेडिकल कॉलेजों को उपलब्ध कराता था।
आशंका जताई जा रही थी कि डेरा शरीर दान के नाम पर मानव अंगों का कारोबार कर रहा था। स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज के सामने भी यह मामला आया था कि लखनऊ के एक निजी मेडिकल कॉलेज को डेरे की ओर से 14 डेड बॉडी भेजी गई थी, लेकिन इन डेड बॉडी से संबंधित जरूरी दस्तावेज नहीं भेजे गए।
सर्च आपरेशन के दौरान डेरे के अस्पताल में मिलीं अनियमितताओं से इस आशंका को बल मिल रहा है कि डेरे से मानव अंगों की तस्करी की जा रही थी।
स्किन बैंक को सील किया, बिना अनुमति के चल रहा था
राम रहीम
डेरे की तलाशी के दौरान बिना अनुमति के चल रहे स्किन बैंक को सील कर दिया गया है। दरअसल, डेरे के अस्पताल में चलाए जा रहे एमएसजी ग्लोबल स्किन बैंक को बिना किसी अनुमति के चलाया जा रहा था। स्वास्थ्य विभाग की ओर से स्किन बैंक के संचालन के लिए जरूरी लाइसेंस लेना होता है।
लोक संपर्क विभाग के उपनिदेशक सतीश मेहरा ने बताया कि फिलहाल स्किन बैंक को सील कर दिया गया है और स्वास्थ्य विभाग को डेरा अस्पताल में बरती जा रही अनियमितताओं के खिलाफ ठोस कार्रवाई करने के आदेश दिए गए हैं।