प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर टिप्पणी को लेकर मचे बवाल के बाद पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट ने सफाई पेश की और मीडिया संस्थानों को कड़ी फटकार लगाई। हाईकोर्ट ने मंगलवार को गलत रिपोर्टिंग के लिए मीडिया संस्थानों को फटकार लगाते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बीजेपी के नहीं बल्कि देश के प्रधानमंत्री है, ऐसी कोई टिप्पणी हमने नहीं की फिर भी कुछ मीडिया संस्थानों ने इसे प्रकाशित कर दिया।
कोर्ट ने कहा कि हमने पहले भी मीडिया से उम्मीद जताई थी कि वे जिम्मेदारी से अपना काम करेंगे परंतु कुछ ने अपनी जिम्मेदारी को सही प्रकार से नहीं निभाया। बिना संदर्भ समझे इस प्रकार का समाचार प्रकाशित करना निंदनीय है। मोदी का नाम कोर्ट में नहीं लिया गया बावजूद इसके समाचार पत्रों ने उसे प्रमुखता से प्रकाशित किया जो दुर्भाग्यपूर्ण है। एडिशनल सॉलिसिटर जनरल ऑफ इंडिया ने मीडिया में आई मोदी को लेकर कोर्ट की टिप्पणी को गलत करार देते हुए कहा कि कोर्ट की पत्रकारिता में गंभीरता बरतने की जरूरत होती है जो इस मामले में नहीं किया गया।
कोर्ट के सामने सत्यपाल जैन ने कहा कि जो बात हुई नहीं और जिस संदर्भ में नहीं हुई उसे प्रकाशित नहीं किया जाना चाहिए। इस पर सीनियर एडवोकेट अनुपम गुप्ता ने मीडिया संस्थानों का बचाव किया। गुप्ता की दलीलों के बाद कोर्ट ने इस मुद्दे को यहीं छोड़ दिया और चेतावनी भरे लहजे में आशा जताई कि भविष्य में हाईकोर्ट की खबरों को गंभीरता से कवर किया जाएगा। यहां बता दें कि अमर उजाला ने अपनी जिम्मेदारी को समझा और निभाया है। प्रधानमंत्री मेादी को लेकर कोर्ट की कोई टिप्पणी प्रकाशित नहीं की गई।