डीजीपी बीएस संधू का कहना है कि पंचकूला हिंसा मामले में जरूरत पड़ी तो पुलिस डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम का लाई डिटेक्टिव टेस्ट करा सकती है। डेरामुखी को जांच में भी शामिल किया जाएगा। पुलिस को फरार आदित्य इंसां की गिरफ्तारी का इंतजार है। उसकी गिरफ्तारी होते ही जांच को तेजी से आगे बढ़ाया जाएगा।
बता दें कि 25 अगस्त को पंचकूला स्थित सीबीआई की अदालत ने गुरमीत राम रहीम को दो साध्वियों से दुष्कर्म का दोषी करार दिया था। इसके बाद पंचकूला सहित देश के कई भागों में हिंसा भड़क गई थी, जिसमें 35 लोगों की मौत हो गई थी और 250 लोग घायल हो गए थे।
मामले की तीन माह की जांच के बाद पुलिस ने पिछले दिनों चालान पेश किया, जिसमें हनीप्रीत सहित 15 लोगों को आरोपी बनाया है, लेकिन डेरामुखी की ओर उंगली तक नहीं उठाई है। इसी वजह से पुलिस की चार्जशीट पर सवाल उठ रहे हैं। एक दिसंबर के अंक में अमर उजाला ने पुलिस की चार्जशीट में गुरमीत को शामिल नहीं करने पर सवाल उठाया था।