डेरामुखी गुरमीत सिंह को सजा के बाद से ही उनकी सल्तनत में ‘खास’ रहे लोग भी अंडरग्राउंड होने लगे हैं। जबकि इनमें से अधिकतर खास लोग 25 अगस्त को डेरामुखी के फैसले वाले दिन पंचकूला में मौजूद थे। हरियाणा पुलिस इन्हें राउंडअप करना चाहती है, ताकि और पुख्ता तरीके से यह खुलासा हो सके कि सजा के बाद डेरामुखी को लेकर उनके खास लोगों की बड़ी साजिश क्या थी?
पुलिस की ओर से की गई जांच में अभी तक यह बात सामने आई है कि डेरामुखी को सजा के बाद उन्हें पुलिस कस्टडी से छुड़ा ले जाने के लिए डेरामुखी के खास लोगों ने ही साजिश रची था। इसमें उनकी मुंहबोली बेटी हनीप्रीत और उनकी निजी सिक्योरिटी में रहे कमांडों की भूमिका पर भी हरियाणा पुलिस को संदेह है, लेकिन हरियाणा पुलिस का यह भी मानना है कि सिर्फ मुंहबोली बेटी और उनके कमांडों ही इस साजिश का हिस्सा नहीं हैं।
यह साजिश बड़ी थी और इसकी कई कड़ियां थीं। इसलिए पुलिस उन कड़ियों को जोड़कर खुलासा करने के प्रयास में है। इसलिए हरियाणा पुलिस मौके पर डेरासमर्थकों की वीडियोग्राफी को खंगाल रही है, ताकि प्रमुख साजिशकर्ताओं की पहचान हो सके। इनमें से कुछ खास तो ऐसे थे, जो सुनियोजित ढंग से यहां पंचकूला में जुटे डेरा प्रेमियों की भीड़ में मौजूद थे और उन्हें निर्देश दे रहे थे। इनमें डेरे के डॉक्टर व अन्य शामिल थे।
डेरा प्रेमियों को उकसाने में निभाई थी अहम भूमिका
Ram Rahim
- फोटो : File Photo
डेरा प्रेमियों को उकसाने में निभाई थी अहम भूमिका
पुलिस ने मामले में 34 से अधिक आपराधिक केस दर्ज किए हैं। पंचकूला में 6, पंचकूला में 4, कैथल में 13, भिवानी में 3, करनाल में 4, फतेहाबाद में 1, अंबाला में 2 और पानीपत में एक केस दर्ज किया गया है।
इन सभी मामलों में डेरा समर्थकों के साथ-साथ उन खास लोगों की तलाश है, जो डेरा अनुयायियों की भीड़ को हिंसा के लिए उकसाने के लिए प्रेरित कर रहे थे। इन्हीं खास लोगों में वे लोग भी थे, जिन्हें कुर्बानी दस्तों को ऑपरेट करना था। इतना ही नहीं इन्हीं खास लोगों ने कुर्बानी दस्तों के लिए कई दिनों से चंदा जुटाने का काम भी शुरू कर दिया था। हरियाणा पुलिस के डीजीपी बीएस संधू के अनुसार हिंसा भड़काने की कोशिशों में लगे कई प्रमुख साजिशकर्ताओं को की तलाश अभी की जा रही है।
डेरे के कर्मियों को भी एडवांस वेतन देकर भेजा
डेरे में बाबा की मौजूद उद्योगों में कार्यरत हजारों लोगों को भी फिलहाल कुछ महीने का एडवांस वेतन देकर उन्हें अपने घरों में जाने को कहा गया है। सूत्राें के अनुसार सिरसा में बाबा की फूड प्रोडेक्ट उद्योगों के अतिरिक्त अस्पताल भी मौजूद हैं। जहां यह हजारों कर्मचारी कार्यरत है, लेकिन हालातों को देखते हुए सभी कर्मचारियों को फिलहाल वहां से निकल जाने को कह दिया गया है।