अकाल तख्त के जत्थेदार को मिलते निशान सिंह
- फोटो : अमर उजाला
डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम की तुलना श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के साथ करने वाले जननायक जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष और पूर्व विधायक निशान सिंह रविवार सुबह श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह के सामने पेश हुए। निशान सिंह ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह से अपील की कि उनको माफ किया जाए।
इससे पहले निशान सिंह ने श्री अकाल तख्त साहिब को पत्र लिख कर इस मामले में माफी देने की अपील की थी। इस पर जत्थेदार ने निशान सिंह को स्वयं पेश होने के निर्देश दिए थे। जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने कहा कि निशान सिंह को माफी देने के बारे में पांच सिंह साहिबान की बैठक में विचार होगा।
ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने कहा कि श्री गुरु नानक देव जी के 550वें प्रकाश पर्व को देखते हुए कुछ समाज विरोधी तत्व एक गहरी साजिश के अधीन गुरु नानक की मूर्तियां बना रहे हैं। गुरु साहिबान की मूर्तियां बनाना गुरु मर्यादा का उल्लंघन है। उन्होंने संगत को निर्देश दिए कि गुरु साहिब की चीनी, मिट्टी और अन्य धातु की मूर्तियां घरों में रखनी मनमर्जी है।
पहाड़ी इलाकों में बसे सिखों को मिले रियायतें
ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने कहा कि बीते कुछ वर्षों से सरकार ने होशियारपुर के कस्बा मुकेरियां के साथ सटे पहाड़ी क्षेत्रों की सिख परिवार की लड़कियों को शारीरिक योग्यता से रियायत देने का फैसला किया है पर इन लड़कियों के भाइयों को ‘तुम सिख हो’ कहकर प्रमाणपत्र जारी नहीं किए जा रहे। ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने एसजीपीसी को निर्देश दिए हैं कि वह इस मामले की पैरवी करें। सरकार पहाड़ी और नीम-पहाड़ी इलाकों में रहने वाले सभी सिखों को विशेष रियायत देने का प्रबंध करे।
जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा 1984 के दिल्ली दंगों के आरोपियों को बरी करने को दुर्भाग्यपूर्ण बताया। जत्थेदार ने सभी सिख संगठनों और राजनीतिक पार्टियों को इस मामले में आपसी मतभेद छोड़ कर एकजुट होने का आह्वान करते हुए कहा कि वह केंद्र सरकार पर दबाव दाल कर आरोपियों को दोबारा कटघरे में खड़ा करें। उन्होंने कहा कि सेना कि भर्ती में सिखों को दी गई छूट में मतभेद होने के पत्र उन्हें मिले हैं।