उन्होंने कहा कि जिस प्रकार सूबे के लोगों ने आतंकवाद को जड़ से उखाड़ फेंका, उसी प्रकार से वह नशे को भी उखाड़ फेंके। कुछ लोगों ने नशे को लेकर पुलिस व प्रशासन पर सवालिया निशान खड़े किए।
अंतरराष्ट्रीय नशा विरोधी दिवस पर निकाली गई साइकिल रैली के दौरान डीसी के समक्ष शहरवासियों ने यह बात भी उठाई कि आपकी ओर से मेडिकल नशे की रोकथाम के लिए जो प्रयास किए जा रहे है, उसका नशे के सौदागर फायदा उठा रहे है।
लोगों ने बताया जो प्रतिबंधित दवाएं तीन दिन पहले तक पचास रुपये में बिकती थी, उसे बड़ी सख्ती है भाई... कहते हुए बढ़ाकर डेढ़ सौ रुपये कर दिया गया है। मेडिकल नशे की सप्लाई तो बंद नहीं हुई उल्टे उसके दाम बढ़ाकर नशे के सौदागर चांदी काट रहे है।