लुधियाना में पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की प्रतिमा पर कालिख पोतने की घटना के बाद अब पंजाब यूनिवर्सिटी में भी राजीव गांधी के नाम वाले चार साइन बोर्ड पर कालिख पोतने की घटना सामने आई है। बुधवार रात यूनिवर्सिटी कैंपस में लगे चार साइन बोर्ड पर लिखे पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के नाम पर अज्ञात लोगों ने कालिख पोत दी।
खास बात यह रही कि रात की इस घटना से यूनिवर्सिटी प्रशासन वीरवार दोपहर तक बेखबर रहा। दोपहर डेढ़ बजे सोशल मीडिया और पत्रकारों से जब इस घटना की जानकारी यूनिवर्सिटी के चीफ सिक्योरिटी अधिकारी डॉ. अश्वनी कौल को हुई तो उन्होंने 34वें यूथ फेस्टिवल कार्यक्रम में थे। कार्यक्रम के बाद दोपहर दो बजे वह घटनास्थल पर पहुंचे और सेक्टर-11 थाना पुलिस को मामले की जानकारी दी गई। सूचना पाते ही सेक्टर-11 के एसएचओ राजीव कुमार मौके पर पहुंचे और जांच शुरू कर दी। साथ ही अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी गई।
वीरवार दोपहर को जब यूनिवर्सिटी में राजीव गांधी भवन नाम के साइन बोर्ड पर उनके नाम पर कालिख पोत देने की सूचना मिली, उस समय पीयू प्रशासन के आलाधिकारी 34वें नॉथ जोन इंटर यूनिवर्सिटी यूथ फेस्टिवल के उद्घाटन समारोह में व्यस्त थे। इस समारोह के मुख्य मेहमान पंजाब के वित्त मंत्री मनप्रीत सिंह बादल थे। यह मामला ठीक समारोह के दौरान सामने आया। समारोह में यूनिवर्सिटी के चीफ सिक्योरिटी अधिकारी डॉ. अश्वनी कौल, रजिस्ट्रार प्रो. करमजीत सिंह, डीसी डॉ. संजय कौशिक मौजूद थे।
दो साइनबोर्ड को सुबह होते ही किया गया साफ, दो को पुलिस के सामने
पंजाब यूनिवर्सिटी स्थित राजीव गांधी कालेज भवन के सामने दो साइन बोर्ड को भी रात में अज्ञात लोगों ने काला कर दिया था। यहां यूथ फेस्टिवल के लिए पहुंचे देशभर के छात्र रुके हुए हैं। कोई बखेड़ा खड़ा न हो, इसलिए सुबह जानकारी मिलने ही कर्मचारियों ने दोनों साइन बोर्ड को तुरंत साफ कर दिया। हालांकि पीयू स्थित अंकुर स्कूल के सामने लगे साइन बोर्ड एवं स्टूडेंट सेंटर के पीछे स्थित साइन बोर्ड पर राजीव गांधी के नाम पर पोती गई कालिख को पुलिस के पहुंचने के बाद साफ करवाया गया।
चारों साइन बोर्ड के पास कैमरे का पता नहीं : सिक्योरिटी अधिकारी
पंजाब यूनिवर्सिटी की सुरक्षा कितनी पुख्ता है, यह वीरवार को कैंपस में सरेआम चार साइन बोर्ड पर पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के नाम पर कालिख पोतने से साफ जाहिर हो गई। हैरानी की बात तो यह रही कि इस घटना के बारे में पीयू प्रशासन के अधिकारी दोपहर तक बेखबर नजर आए। हालांकि उन्होंने दावा किया कि यूनिवर्सिटी में 250 से अधिक सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं, जो सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता बनाते हैं लेकिन मामले में जिन चार साइन बोर्ड से पूर्व प्रधानमंत्री के नाम पर काला रंग पोता गया है, उसके आसपास कैमरे तक नहीं हैं। इस बारे में जब चीफ सिक्योरिटी अधिकारी से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि यहां आसपास कैमरे कितने लगे हैं, यह उनको तो नहीं पता लेकिन यह साइन बोर्ड सड़क के पास है तो शायद वहां कैमरे न हों।
आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेंगे
पीयू प्रशासन के चीफ सिक्योरिटी आफिसर डॉ. अश्वनी कौल ने कहा कि इस मामले को पूरी गंभीरता से लिया जा रहा है और आरोपी के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। उधर, एनएसयूआई के नेता मनोज लुभाना ने छात्रों के साथ कैंपस में ऐसी हरकत पर विरोध जताया और मामले के आरोपी के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की मांग की।