चंडीगढ़। रायपुर कलां में चंडीगढ़ परिवहन उपक्रम (सीटीयू) का पांचवां बस डिपो-कम-कार्यशाला और चार्जिंग सब स्टेशन डेढ़ वर्ष से अधिक समय बाद भी तैयार नहीं हो सका है। भवन का निर्माण पूरा हो चुका है, लेकिन चार्जिंग सब स्टेशन, इलेक्ट्रिकल कार्य, उन्नत फायर अलार्म और सुरक्षा प्रणाली अभी तक स्थापित नहीं हो पाई हैं। केंद्र शासित प्रदेश के परिवहन और इंजीनियरिंग विभागों के बीच बिजली ग्रिड लाइन और सिविल कार्यों के समन्वय में देरी इसका प्रमुख कारण रही है।
यह डिपो पीएम ई-बस सेवा योजना के तहत इलेक्ट्रिक बसों के संचालन और रखरखाव के लिए बनाया जा रहा है। ट्राई-सिटी के लिए स्वीकृत 428 इलेक्ट्रिक बसों में से 60 बसें चंडीगढ़ पहुंच चुकी हैं। डिपो पूरी तरह तैयार न होने के बावजूद सीटीयू रायपुर कलां क्षेत्र में इन बसों का संचालन जारी रखे हुए है। 6.44 एकड़ में बन रहे इस हाईटेक डिपो में बेसमेंट में 167 बसों की पार्किंग होगी।
यहां 66 केवी का समर्पित चार्जिंग सब स्टेशन, तीन मंजिला प्रशासनिक ब्लॉक, कर्मचारियों के लिए अलग पार्किंग, रात्रि पाली के केबिन और पानी रीसाइक्लिंग संयंत्र भी बनाया जा रहा है। करीब 50 करोड़ रुपये की वर्ल्ड बैंक सहायता से तैयार हो रहा यह चार या पांच सितारा मानकों वाला डिपो शहर में स्वच्छ ईंधन आधारित सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को मजबूत करेगा। शहरी नियोजन विभाग इसकी नक्शा योजना को पहले ही मंजूरी दे चुका है।