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पंजाब में बारिश ने बढ़ाई किसानों की चिंता, प्रदेश भर में तैयार खड़ी है धान की फसल

Sat, 22 Sep 2018 08:06 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
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पंजाब में हुई बारिश
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पंजाब में शुक्रवार को मौसम के बदले मिजाज ने किसानों को मुश्किल में डाल दिया है। तीन दिन तक भारी बारिश होने की मौसम विभाग की भविष्यवाणी ने पूरे सूबे में अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है। खेतों में धान की फसल पककर तैयार हो चुकी है। राज्य में एक अक्तूबर से धान खरीद का एलान भी हो चुका है। मौसम विभाग का कहना है कि अधिकतर इलाकों में तापमान सामान्य से नीचे उतरने की संभावना है। 

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इसका सीधा असर धान किसानों पर पड़ रहा है, जिनकी फसलों में नमी की मात्रा बढ़ेगी और उन्हें मंडियों में अपना धान बेचने में दिक्कतें आएंगी। किसानों का कहना है कि इस माह बारिश धान की फसल के लिए बिल्कुल भी अच्छी नहीं है। खेतों में खड़ी फसल को लेकर किसान चिंता में पड़ गए हैं क्योंकि अगर अब बारिश होती है तो न सिर्फ खेतों में खड़ी फसल के गिरने का खतरा है, बल्कि फसल में भी नमी की मात्रा कई गुना बढ़ जाएगी। 

दूसरी ओर, कृषि विभाग और खाद्य एवं सिविल सप्लाई विभाग जो कि इस साल बंपर फसल होने की उम्मीद लगाए बैठे हैं, भी चिंता में पड़ गए हैं। राज्य के कई इलाकों में बारिश से फसलें खराब होने के खबरें मिलने लगी हैं। खाद्य एवं सिविल सप्लाई विभाग के अधिकारी ने बताया कि पंजाब में इस खरीफ सीजन में 200 लाख टन धान खरीदने का लक्ष्य रखा गया है। लेकिन शनिवार को दिन भर हुई बारिश ने किसानों और सरकारी विभागों को परेशान कर दिया है। उल्लेखनीय है कि पंजाब सरकार ने मौसम विभाग के मिली सूचना के आधार पर शुक्रवार को ही राज्य में भारी बारिश संबंधी अलर्ट जारी कर दिया था, जो 24 सितंबर तक सूबे में लगातार बरस सकती है। 
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केंद्रीय भूविज्ञान मंत्रालय से मिली सूचना के अनुसार, शनिवार सुबह शुरू हुई बारिश आगामी सोमवार तक जारी रह सकती है और यह बारिश पंजाब के साथ-साथ हरियाणा और चंडीगढ़ को भी प्रभावित करेगी। इस दौरान पंजाब के दोआबा, माझा और मालवा तीनों इलाकों में भारी बारिश हो सकती है। हालांकि राज्य के आपदा प्रबंधन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि पंजाब सरकार की ओर से बारिश संबंधी अलर्ट जारी करने के साथ ही सभी जिला उपायुक्तों और धान खरीद से जुड़े अधिकारियों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं कि बारिश के चलते किसानों को होने वाली कठिनाइयों से पूरी मुस्तैदी से निपटा जाए ताकि किसानों को अपनी फसल बेचने में कोई कठिनाई न हो।

बारिश से खरीद अनुमानों पर पानी फिरने की आशंका
वर्ष 2017-18 के दौरान खरीफ सीजन के दौरान पंजाब की मंडियों में कुल 179.34 लाख टन धान की खरीद की गई थी, वहीं वर्ष 2018-19 के लिए धान खरीद का लक्ष्य 200 लाख टन रखा गया है। पिछले साल सरकारी एजेंसियों ने 176.61 लाख टन धान खरीदा था जबकि इस साल उनका लक्ष्य भी बढ़कर 190 लाख टन खरीद का हो गया है। 

 इस वर्ष धान की खरीद के लिए भारत सरकार द्वारा धान की आम किस्म (कॉमन वेरायटी) के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य 1750 रुपये और ग्रेड-ए किस्म के लिए 1770 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है। सरकारी एजेंसियों ने खरीदी गई धान के भंडारण को लेकर भी व्यवस्था कर ली है लेकिन अचानक शुरु हुई बारिश से धान में बढ़ने वाली नमी जहां किसानों को पूरा एमएसपी मिलने में रुकावट बनेगी वहीं खेतों से मंडियों को धान को सही सलामत पहुंचाना और मंडियों में भी बारिश से बचाव एक बड़ी समस्या बनने वाले हैं।

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