जगाधरी वर्कशाप। ऑल इंडिया रेलवे मैन्स फेडरेशन और नार्दन रेलवे मैंस यूनियन ने मांगों के लिए यूनियन कार्यालय के समक्ष डीआरएम अंबाला के खिलाफ प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने रेलवे विभाग और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। एनआरएमयू के प्रधान अनिल कुमार ने कहा कि यूनियन की मांगें न पूरी होने पर वे अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर देंगे।
यूनियन के महासचिव राजकुमार राणा ने कहा कि पिछले कई वर्षों से कालोनी और कारखाने में कोई भी विकास कार्य नही हुए। हमारी मांग है कि विकास कार्य में लगाए जाने वाले फंड को खर्च करने का अधिकार डीआरएम अंबाला की बजाए सीडब्लयूएम जगाधरी वर्कशाप को दिया जाए।
उन्होंने अपने प्रदर्शन के आगामी कार्यक्रमों के बारे में बताया कि 12 सितंबर सुबह सात बजे गेट मीटिंग करके सभी कर्मचारियों में हैंडबिल वितरण किया जाएगा। शनिवार सुबह सात बजे वर्कशाप के कर्मचारियों को काले बिल्ले लगाए जाएंगे। 15 और 16 सितंबर को कारखाने में सभी कर्मचारियों से मिलकर उन्हें अपनी मांगों के बारे मे बताया जाएगा। वहीं 17 सिंतबर को सुबह सात बजे और 18 सितंबर को दोपहर बारह बजे केंद्र सरकार के खिलाफ सभी गेटों पर प्रदर्शन किया जाएगा। इसके बाद 19 सितंबर को मेन गेट पर विशाल धरना दिया जाएगा।
उसी दिन दोपहर 12 बजे गेट मीटिंग होगी। प्रदर्शन में अध्यक्ष स्टोर ब्रांच प्रवीन कुमार, सचिव स्टोर ब्रांच विनोद कुमार, सचिव स्टोर ब्रांच रविंद्र कुमार, केएस कटारिया, सरदार जोगिंद्र धूमण, रविंद्र शर्मा, रमेश कुमार हरगढ, विजयकांत, राजीव कुमार, राकेश कुमार, सरदार सुरिंद्र बूटर, रशमी अरोडा, रामकुमार, प्रेम सोनका, रामकुमार, विनोद कुमार, मुकेश कुमार, पूरूषोत्म, रंजित के अलावा बड़ी संख्या में कर्मचारी शामिल हुए।
क्या हैं कर्मचारियों की मांगें
- नई पेंशन स्कीम को समाप्त कर पुरानी पेंशन स्कीम बहाल की जाए
- बोनस की सीमा 3500 रुपये समाप्त कर वास्तविक वेतन के आधार पर बोनस दिया जाए।
- टेक्नीशियन ग्रेड-2 को टेक्नीशियन ग्रेड-एक में मर्ज किया जाए।
- लार्सगेस स्कीम में सभी कोटि के कर्मचारियों को लाया जाए।
- एमएसीपी के तहत 2000 रुपये के ग्रेड पे को खत्म करके 2400 रुपये ग्रेड पे दिया जाए।
- रेलवे के मनमाने ढंग से एफडीआई और निजीकरण को रोका जाए।
- एक्ट अप्रैन्टिस के तहत रेल कर्मचारियों के बच्चों के लिए भर्ती खोली जाए।
- रेलवे कालोनी की सभी गलियां, सड़कें, सीवर सिस्टम, चारों ओर के नाले, क्वाटरों की छतें, फर्श, दरवाजे, खिड़कियां, पीने के पानी की दशा को ठीक करने के लिए रेलवे बोर्ड से सिफारिश की जाए।
- जोन-वर्क के पैसों की अलाटमेंट डीआरएम अंबाला को न कर सीडब्लयूएम जगाधरी को दी जाए।
- रेलवे अस्पताल में हार्ट, स्त्री, हड्डी रोग विशेषज्ञ डाक्टरों का प्रबंध किया जाए।
- रेलवे कारखाने में सभी शॉपों के टूटे शेडों को बदला जाए। मैटेरियल का प्रबंध निर्धरित आउट टर्न के हिसाब से एडवांस दिया जाए।
- कारखाने और स्टोर डिपो में बने शौचालयों की सफाई और पानी की व्यवस्था दुरुस्त की जाए।
- महिलाओं के लिए कॉमन रूम और शौचालय उनके कार्यस्थल के निकट बनाए जाए।