जिले के लिए मंगलवार का दिन बहुत खासा होगा। इस दिन देश की पहली सीएनजी डीईएमयू ट्रेन को रेल मंत्री सुरेश प्रभु हरी झंडी दिखाकर रेवाड़ी से रोहतक के लिए रवाना करेंगे। अहम बात है ये है कि रेल मंत्री प्लेटफार्म पर नहीं आएंगे।
वे अधिकारियों, मंत्रियों आदि के बीच रिमोट से बटन दबाकर ही ट्रेन को हरी झंडी दिखाएंगे। इसके लिए ट्रेन के इंजन के पास एलईडी स्क्रीन लगाने का इंतजाम किया गया है। इसके जरिए चालक को हरी झंडी मिलने का पता चल सकेगा।
कार्यक्रम की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई है। कई यात्री इस ऐतिहासिक पल के गवाह बनेंगे। शहर के लोगों में इस ट्रेन के संचालन के लिए खासा उत्साह है। सोमवार को रेल मंत्री सुरेश प्रभाकर प्रभु सीएनजी ट्रेन के उद्घाटन के अलावा रेवाड़ी-बीकानेर सवारी गाड़ी का भी उद्घाटन करेंगे।
उत्तर-पश्चिम रेलवे की ओर से मिली जानकारी के अनुसार उद्घाटन कार्यक्रम का समय शाम 4:45 है। कार्यक्रम में रेलमंत्री के अलावा योजना राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और रक्षा राज्यमंत्री राव इंद्रजीत सिंह और रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा भी मौजूद रहेंगे। इससे पूर्व रेलमंत्री विशेष ट्रेन से प्लेटफार्म नंबर एक पर उतरेंगे।
सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
रेलमंत्री के आगमन पर रेलवे स्टेशन परिसर छावनी में तब्दील दिखाई देगा। स्टेशन पर सुरक्षा बलों के लिहाज से आरपीएफ के 50 जवान, जीआरपी के 30 जवान हैं। इसके अलावा अतिरिक्त सुरक्षा के लिए जयपुर से 100 जवान आरपीएफ, जीआरपी के 50 जवान से मंगलवार सुबह पहुंच जाएंगे। इसके अलावा सिविल पुलिस के भी 50 जवान स्टेशन परिसर में सुरक्षा के लिए मौजूद रहेंगे।
रात भर अधिकारियों ने डाला डेरा
स्टेशन अधीक्षक गोपाल सिंह भाटी ने बताया कि उत्तर-पश्चिम रेलवे के जयपुर और अन्य जगहों से करीब दर्जन भर अधिकारी सोमवार रात तक रेवाड़ी पहुंच गए। इसके अलावा आरपीएफ के आईजी संजय किशोर, सीनियर कमिश्नर एके अग्निहोत्री, एसपी अभिषेक कुमार और जिला पुलिस के कई अधिकारी भी कार्यक्रम में मौजूद रहेंगे।
बदला-बदला सा दिखा स्टेशन
रेलवे स्टेशन सोमवार को कुछ अलग सा दिखाई दिया। हालांकि सफाई व्यवस्था तो वैसे भी ठीक थी, लेकिन रेलवे स्टेशन पर दीवारों, रेलिंग और विभिन्न स्थानों पर रंग-रोगन का काम तेजी से चल रहा था। इसके अलावा पुनर्निर्माण भी तेज था। रेलमंत्री के लिए मंच का स्थान कार पार्किंग की जगह किया गया है। इसके लिए पार्किंग में लगी सभी कारों और अन्य वाहनों को हटाने के बाद वहां मंच लगाने का काम चल रहा था।