चंडीगढ़। एक्साइज एंड टैक्सेशन डिपार्टमेंट द्वारा शुक्रवार को मनीमाजरा स्थित छह फर्मों के ऑफिसों में मारे गए छापे में टैक्स हेराफेरी का खुलासा हुआ है। 61 करोड़ की सेल के बाद भी टैक्स नहीं जमा कराने का खुलासा मंथली भरी जाने वाली जीएसटी 3 आरबी के नहीं भरने से हुआ।
असिस्टेंट एक्साइज कमिश्नर आरके चौधरी ने बताया कि टैक्स की चोरी फर्मों के संचालकों ने इनपुट क्रेडिट के जरिए की है। दस्तावेंजों की प्राथमिक जांच में कई बिंदु सामने आए हैं। इनका विभागीय दस्तावेजों के साथ तुलनात्मक अध्ययन किया जा रहा है। चार फर्मों के आॅफिसों से कई जरूरी दस्तावेज जब्त किए है। इनकी प्राथमिक जांच में पता चला कि एक ही पते पर चलने वाली छह फर्मों ने 61 करोड़ रुपये की सेल तो की है, लेकिन इनपुट क्रेडिट के जरिए विभाग में एक भी रुपया टैक्स का नहीं जमा किया। साथ ही फरवरी 2020 से जीएसटी 3 आरबी का रिटर्न भी नहीं दाखिल किया। विभाग को शक होने पर जांच की गई तो जांच में पता चला कि छह फर्मों में दिए गए पतों में दो फर्में बंद पाई गई और एक ही एजेंसी के द्वारा सभी फर्मों का संचालन किए जाने की पुष्टि हुई। उन्होंने बताया कि जब्त किए दस्तावेजों का तुलनात्मक अध्ययन किया जा रहा है। फर्मों द्वारा की गई सेल के मुकाबले बकाया टैक्स वसूलने के लिए दस्तावेजों की जांच की जा रही है।
डिफाल्टर फर्मों का कारोबार पाइप और टाइल्स का
टैक्स हेराफेरी में पकड़ी गईं डिफाल्टर फर्में टाइल्स और पाइप का कारोबार करती थीं। अधिकारियों ने बताया कि इससे पहले भी कुछ फर्मों ने ग्रामीण क्षेत्रों के पते पर इनपुट क्रेडिट के जरिए टैक्स की हेराफेरी कर चुकी हैं।
कोट..
प्राथमिक जांच में कई बिंदु ऐसे सामने आए हैं, जिनसे जांच का दायरा बढ़ सकता है। अभी कुछ और फर्मों को भी चिह्नित किया है, जो इनपुट क्रेडिट के जरिए हेराफेरी कर रही हैं। -आरके चौधरी, असिस्टेंट एक्साइज कमिश्नर, चंडीगढ़