पूर्व कांग्रेस सरकार में हुए वन घोटाले के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने गुरुवार को पूर्व वन मंत्री साधू सिंह धर्मसोत के अमलोह स्थित घर और पूर्व वन मंत्री संगत सिंह गिलजियां के गांव गिलजियां में उनके घर पर रेड की। इसके अलावा टीम ने वन विभाग के कई पूर्व अधिकारियों, धर्मसोत-गिलजियां के करीबियों के 14 ठिकानों पर छापे मारे।
अमलोह में सुबह छह बजे रेड के दौरान साधू सिंह धर्मसोत घर में नहीं थे। अधिकारियों ने धर्मसोत के परिवार के सदस्यों को घर में ही रहने को कहा और किसी भी बाहरी व्यक्ति को अंदर आने की अनुमति नहीं दी। देर शाम तक चली जांच में टीम के सदस्यों ने धर्मसोत के बेटे गुरप्रीत सिंह, धर्मसोत की पत्नी और परिवार के अन्य सदस्यों से पूछताछ की। टीम ने मीडिया को कुछ भी बताने से मना कर दिया।
वहीं, होशियारपुर में सुबह सात बजे गिलजियां के निवास पर पहुंची टीम ने घंटों घर में विभिन्न कागजात, बैंक खातों की डिटेल खंगाली गई। ईडी की 12 सदस्यीय टीम ने जांच की। देर शाम तक जांच जारी रही। घर में पूर्व मंत्री संगत सिंह गिलजियां, उनका परिवार, उनके भाई जोगिंदर सिंह और भतीजा दलजीत सिंह सेठी भी मौजूद थे। गौरतलब है कि भतीजी की शादी में शामिल होकर दो दिन पहले ही संगत सिंह गिलजियां का परिवार अमेरिका से लौटा है।
ट्री गार्ड, खैर के पेड़ों के कटान में रिश्वत लेने का आरोप
कैप्टन अमरिंदर सिंह की सरकार में वन मंत्री रहे साधू सिंह धर्मसोत के खिलाफ पंजाब विजिलेंस ने वन विभाग में घोटाले को लेकर केस दर्ज किया था। इसमें जमानत के बाद विजिलेंस ने आय से अधिक धन अर्जित करने के आरोप में धर्मसोत पर भ्रष्टाचार का मामला दर्ज किया था। धर्मसोत अभी जमानत पर हैं। वहीं, पूर्व वन मंत्री संगत सिंह गिलजियां के कार्यकाल में हुए घोटाले के मामले में भगवंत मान सरकार ने 2022 में विजिलेंस जांच शुरू करवाई थी।
ट्री गार्ड और खैर के पेड़ों के कटान के लिए कथित तौर पर रिश्वत लिए जाने के आरोप में विजिलेंस ने संगत सिंह गिलजियां और उनके भतीजे दलजीत सिंह सेठी के खिलाफ मामला दर्ज किया था। इस मामले में दलजीत सिंह सेठी को विजिलेंस ने गिरफ्तार किया था, जबकि संगत सिंह गिलजियां को हाईकोर्ट से राहत मिल गई।