हरियाणा में मानकों के अनुसार दवाइयां का भंडारण नहीं करने की शिकायत पर औषधि एवं प्रशासन विभाग की ओर से प्रदेशभर में 50 से अधिक दवा की दुकानों पर छापेमारी की गई। इस दौरान चार दुकानों के रेफ्रिजरेटर बंद मिले, जिस कारण टीम ने चारों दुकानों को सील कर दिया।
नियमों के मुताबिक कुछ चुनिंदा दवाइयों को उचित तापमान में रखना होता है, लेकिन दुकान बंद करते समय केमिस्ट रेफ्रिजेटर को बंद कर देते हैं। औषधि एवं प्रशासन को लगातार इस प्रकार की शिकायतें मिल रही थी। प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज के निर्देश अनुसार अलग अलग टीमों ने सोमवार अलसुबह दवा दुकानों पर छापेमारी की।
इस मुहिम के तहत फ़रीदाबाद में 12, झज्जर में 05, गुरुग्राम में 11, करनाल में 10, कुरुक्षेत्र में 10, सोनीपत में 01, पानीपत में 01 एवं अम्बाला में 11 दुकानों पर चेकिंग की गई है। इनमें से फ़रीदाबाद में 02 दुकानों, भारत मेडिकल स्टोर एमसीएफ मेन मार्किट और श्री बालाजी मेडिकल स्टोर, मेन मार्किट, सेक्टर 24 में रेफ्रीजरेटर बन्द मिले, इन दोनों दुकानों को मौके पर सील कर दिया गया। इसके अलावा, गुरुग्राम में अनिश मेडिकल स्टोर, अशोक विहार, मेन पालम विहार रोड और सोनीपत में एक दुकान में रेफ्रिजरेटर बंद मिलने पर सील कर दिया गया।
प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने दवा विक्रेताओं को चेताया कि वो ठंडे तापमान वाली दवाओं का भंडारण उचित तरीके से रेफ्रिजरेटर में ही करें तथा थोक विक्रेता भी इस प्रकार की दवाओं का रिटेलर्स को वितरण नियमानुसार कोल्ड-चेन में ही करें। नियमों का पालन नहीं करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
खत्म हो जाती है रोग रोधक क्षमता
एंटी-रेबीज़ वैक्सीन, इन्सुलिन, टेटनस के टीके इत्यादि को उचित तापमान में रखा जाता है, इसके लिए रेफ्रिजरेटर में इनको रखा जाता है। अगर तापमान सही नहीं रखा जाए तो उनकी गुणवत्ता पर प्रतिकूल असर पड़ता है। यदि ऐसी दवाईयां अगर 72 घंटे तयशुदा ठंडे तापमान से अधिक तापमान में रहती हैं तो इनकी रोगरोधक क्षमता समाप्त हो जाती है।