हरियाणा कांग्रेस में चल रहे घमासान के बीच ही कांग्रेस को विधानसभा चुनाव की तैयारी करनी होगी। यह संदेश राहुल गांधी ने हरियाणा कांग्रेस की बैठक में दे दिया है। उन्होंने साफ कर दिया है कि बदलाव की फिराक में घूम रहे नेताओं की मनमानी नहीं चलने देंगे। संगठन पर सवाल खड़ा कर रहे नेताजी को भी स्पष्ट कह दिया गया है कि यदि संगठन नहीं था तो आप क्या कर रहे थे।
ऐसे में हरियाणा के कांग्रेसियों को नए बनने वाले राष्ट्रीय अध्यक्ष से आस जुड़ गई है। राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि राहुल गांधी इस बार पार्टी की हार होने के बाद अध्यक्ष बनने को तैयार नहीं है। ऐसे में नया अध्यक्ष कौन बनेगा, हरियाणा के कांग्रेसियों की नजरें नए अध्यक्ष पर टिकी हैं। कांग्रेसियों को उम्मीद है कि नया अध्यक्ष उनकी सुनवाई कर सकते हैं।
हरियाणा में वर्तमान में चल रही कांग्रेस की अंतर्कलह किसी से छुपी नहीं है। लोकसभा चुनाव में शिकस्त का यह बड़ा कारण है। अंतर्कलह का ही परिणाम है कि कांग्रेस सभी दस सीटें हार गई। अब अक्तूबर में विधानसभा का कार्यकाल पूरा हो रहा है।
जींद चुनाव और लोकसभा चुनाव में हार का मुंह देखने के बाद भी यदि हालात नहीं सुधरे तो आने वाले समय में हालात चिंताजनक भी हो सकते हैं। सूत्रों के मुताबिक हरियाणा कांग्रेस के कुछ नेता राहुल गांधी से अलग से मुलाकात कर यह सारा ब्योरा सीटों के हिसाब से पेश करना चाह रहे हैं। साथ ही कांग्रेसियों को यह आस भी है कि राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव के साथ ही हरियाणा कांग्रेस की तरफ भी आलाकमान का ध्यान जाएगा, क्योंकि हरियाणा में चुनाव जल्द होने हैं।