दिलबर मेरे कब तक मुझे ऐसे ही तड़पाओगे...मैं आग दिल में लगा दूंगा तो पल में फिसल जाओगे...यह गीत जैसे ही गांधी स्मारक भवन सेक्टर-16 में गूंजा तो तालियों की गड़गड़ाहट शुरू हो गई।
मौका था चंडीगढ़ आर्ट थिएटर द्वारा आयोजित रफी-किशोर की यादें के लिए ऑडीशन का।
इस कंपटीशन में सत्तर प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। ये प्रतिभागी चंडीगढ़, पंचकूला और मोहाली से आए थे। इन प्रतिभागियों को जज करने के लिए यहां सिंगापुर की गायिका जस के मौजूद रहीं।
विनोद ने मेरे सपनों की रानी गीत तो राहुल ने रुक जाना नहीं तू कहीं हार के गीत को आवाज दी। इस कंपटीशन के दौरान तीन कैटेगरी बनाई गईं थीं।
इसमें 8-15, 16-35 और 35 से ज्यादा की कैटेगरी थीं। इस प्रतियोगिता का फाइनल जनवरी में होगा। सिंगापुर से आईं गायिका और जज जस के ने कहा कि उनका इरादा अब बालीवुड में इंट्री का है।
उनके दो एलबम मूमेंट्स विद जस के और व्याह श्याह आ चुके हैं।