फेस्टिवल सीजन के दौरान सिटी के प्राइवेट स्कूलों हर साल नोटिस भेजा जाता है। कुछ दिनों तक स्कूलों में वायलेशन की जांच के नाम पर खानापूर्ति भी होती है। फिर पूरा मामला धीरे-धीरे ठंडे बस्ते में डाल दिया जाता है। इसके लिए चंडीगढ़ के एस्टेट ऑफिस में एक रैकेट काम कर रहा है, जिसकी शिकायत यूटी प्रशासन को मिली है। इसके बाद प्रशासन ने जांच कराकर कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। एजूकेशन सेक्रेटरी बीएल शर्मा को शिकायत मिली थी कि फेस्टिवल सीजन में हर साल शहर के प्राइवेट स्कूलों को वायलेशन करने के नाम पर बड़ी तादाद में नोटिस जारी कर दिए जाते हैं। इसके लिए चंडीगढ़ प्रशासन के एस्टेट ऑफिस में बाकायदा एक रैकेट काम कर रहा है।
नोटिस जारी होने के बाद कुछ दिनों तक वायलेशन के नाम पर इस रैकेट के द्वारा अवैध वसूली का काम चलता है। बाद में मामला अचानक ठंडे बस्ते में चला जाता है। एजूकेशन सेक्रेटरी को शिकायत में बताया गया कि फेस्टिवल सीजन में नोटिस भेजने का यह सिलसिला बीते कई वर्षों से चल रहा है। शिकायत मिलने के बाद शिक्षा सचिव ने सख्त रुख अपनाते हुए प्रभारी डिप्टी कमिश्नर सचिन राणा से तत्काल पूरे में जांच कराकर कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही सेक्रेटरी ने वायलेशन की जांच में कोई लापरवाही नहीं बरतने की बात कही है। उन्होंने कहा कि अगर स्कूलों ने वायलेशन किया है, तो उनके खिलाफ भी एक्शन लिया जाय।
एस्टेट ऑफिस के लगा रहे चक्कर
जानकारों की मानें तो डिप्टी कमिश्नर अजीत बाला जोशी के अवकाश पर जाने के बाद एस्टेट ऑफिस के कर्मचारी मनमानी पर उतारू हो गए हैं। प्रभारी डीसी के पास काम की अधिकता होने के चलते डीसी वहां तैनात कर्मचारियों के मंसूबों को को समझने में पूरी तरह से नाकाम रहे हैं। यही वजह है कि एस्टेट ऑफिस से आए दिन बेतुके फरमान जारी हो रहे हैं। मकान ट्रांसफर कराने के लिए लोग सालों से दौड़ रहे हैं लेकिन डिपार्टमेंट की संदिग्ध कार्यशैली के चलते लोग परेशान हो रहे हैं।
ये है पूरा मामला
हाल ही में चंडीगढ़ प्रशासन के एस्टेट ऑफिस ने बिल्डिंग वायलेशन पर शहर के 25 प्राइवेट स्कूलों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। बिल्डिंग वायलेशन और मिसयूज मामले में करीब आधा दर्जन कान्वेंट स्कूल भी शामिल हैं। अगले 15 दिनों के अंदर शहर के कुल 87 प्राइवेट स्कूलों में मिसयूज और वायलेशन को लेकर रिपोर्ट तैयार की जानी है। प्रथम दृष्टया जांच सही मिलने पर 25 स्कूलों को नोटिस जारी का जवाब मांगा गया है। बताया जाता है कि करीब 50 से अधिक स्कूलों के खिलाफ शिकायतें मिली थी, जिसमें 25 लोगों की शिकायतें सही मिली हैं।