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चंडीगढ़ में 24 घंटे लग रहे नाकों पर सवाल: एक ही जगह फिक्स, रोटेशन नहीं; पुलिस की मौजूदगी का असर नहीं

Wed, 22 Apr 2026 12:12 PM IST
Nivedita संदीप खत्री, संवाद, चंडीगढ़

सार

चंडीगढ़ में मार्च में फायरिंग और कत्ल की वारदात के बाद शहरभर में 24 घंटे नाके लगाने के आदेश दिए गए थे।  
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सेक्टर 21-22 के विभाजन रोड पर लगे नाके पर चेकिंग करते पुलिसकर्मी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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ये कैसे नाके-जो हर दिन, हर वक्त एक ही जगह जमे रहते हैं और अब सबकी जुबान पर चढ़ चुके हैं। चंडीगढ़ में सुरक्षा का पहरा तो नजर आता है, लेकिन इनके असर पर सवाल उठने लगे हैं। 

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पिछले एक महीने से फिक्स लोकेशन पर लग रहे इन नाकों की टाइमिंग और जगह इतनी तय हो चुकी है कि आम लोग ही नहीं, अपराधी भी इन्हें भांप चुके हैं। सेक्टरों की डिवाइडिंग सड़कों पर 24 घंटे तैनाती के बावजूद चेकिंग का सरप्राइज एलिमेंट खत्म हो गया है। इससे यह आशंका बढ़ रही है कि यह कहीं तयशुदा पैटर्न अपराधियों के लिए आसान रास्ता तो नहीं बन रहा।

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पचास जगहों पर लग रहे नाके

शहर में इस समय करीब 50 जगहों पर पुलिस नाके लगाए जा रहे हैं। पुलिसकर्मी इन नाकों पर 24 घंटे ड्यूटी कर रहे हैं और शिफ्टों में तैनात हैं। पिछले एक महीने से यह नाके एक ही जगह पर फिक्स लगाए हुए हैं। सेक्टर-8/9, 9/10,18/19 और 36/37 जैसी डिवाइडिंग रोड के अलावा शहर में अलग अलग जगहों पररोजाना, दिन-रात एक ही जगह नाके लग रहे हैं। आम लोगों के साथ-साथ अपराधियों को भी इन नाकों की सटीक लोकेशन और टाइमिंग तक पता है। सब कुछ पता होने पर अपराधियों का दूसरे रास्तों से निकलना आसान हो जाता है।

कानूनी विशेषज्ञों की मानें तो नाका लगाने का उद्देश्य तभी पूरा होता है। जब इसे रोटेशनल रखा जाए।

रोटेशन में लगें नाके तो पुलिस रहेगी अलर्ट

बीपीआरडीओ की रिसर्च के अनुसार नाके 2 से 3 घंटे के लिए अलग-अलग जगहों पर लगाए जाने चाहिए, ताकि उनकी लोकेशन और टाइमिंग तय न हो। इससे अपराधियों के लिए बच निकलना मुश्किल हो जाता है और पुलिस भी ज्यादा सतर्क रहती है। बीपीआरडो की रिसर्च कहती है कि लंबे समय तक एक ही जगह खड़े रहने से पुलिसकर्मी इरिटेट हो जाते हैं और थकान भी हो जाती है। विशेषज्ञों का कहना है कई बार देखने को मिलता है कि नाकों के किनारे पुलिसकर्मी खड़े हैं और नाकों से वाहन चालक बिना चेकिंग के निकल रहे हैं। ऐसे में अगर दो से तीन घंटे के रोटेशनल नाके लगाए जाएं तो पुलिसकर्मी भी अलर्ट होकर नाके की ड्यूटी करेंगे और अपराधी भी पकड़े जाएंगे। 

घटनाओं के बाद लगाए जा रहे 24 घंटे नाके

दरअसल 17 मार्च को पंजाब यूनिवर्सिटी में सोपू नेता पर फायरिंग और 18 मार्च को सेक्टर-9 में दिनदहाड़े चमनप्रीत उर्फ चिन्नी की हत्या के बाद प्रशासन ने सख्ती शुरू की थी। इन घटनाओं के बाद वरिष्ठ अधिकारियों को तलब कर शहरभर में 24 घंटे नाके लगाने के आदेश दिए गए। फिलहाल हर थाने के तहत दो और हर चौकी के अंतर्गत एक नाका लगाया जा रहा है। नाकों पर लगातार चालान भी किए जा रहे हैं।
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