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चंडीगढ़ में घरों से कूड़ा उठाने वाले वाहन चालकों की भर्ती पर हुआ यह..

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चंडीगढ़। घर-घर से कूड़ा लेने वाली गाड़ियों पर चालकों की तैनाती के लिए सदन की विशेष बैठक में अनुपात तय हो गया। चंडीगढ़ के लोगों के लिए 85 प्रतिशत जबकि बाहरी लोगों के लिए इसमें 15 प्रतिशत का कोटा तय हुआ है। चालक छह माह तक गाड़ी चलाने के लिए ट्रायल दे सकते हैं। ट्रायल में पास होने पर उन्हें चालक का वेतन मिलेगा।
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मेयर ने बताया कि चालक की भर्ती के लिए चंडीगढ़ का ड्राइविंग लाइसेंस होना जरूरी है। सदन में चालक के टेस्ट को लेकर भी काफी बवाल हुआ। भाजपा पार्षदों ने कहा कि चालक के पद के लिए टेस्ट जरूरी नहीं है, जिसके पास ड्राइविंग लाइसेंस है, वह टेस्ट पास करके ही आया है। इससे हम अपने आरएलए पर सवाल उठा रहे हैं। कांग्रेस पार्षद ने देवेेंद्र सिंह बबला ने कहा कि जब एक बार लाइसेंस बनवाने के लिए टेस्ट दिया है तो दूसरी बार टेस्ट देने में क्या समस्या है। बाद में तय हुआ कि एक व्यक्ति को छह माह तक टेस्ट देने की छूट होगी। टेस्ट पास नहीं करने पर घरों से कूडा उठाने व क्लीनर का ही काम करना होगा।
25 लाख रुपये भी निगम ने किए स्वीकृत, 112 चालक भर्ती
जनवरी से काम करने वाले कर्मचारियों के लिए निगम ने 25 लाख रुपये भी स्वीकृत कर दिए हैं। निगम ने घरों से कूड़ा उठाने वाले कुछ कर्मचारियों के साथ पहले ही समझौता कर लिया था। इनमें 112 गाड़ी चालक और घरों से कूड़ा उठाने वाले कर्मचारी शामिल हैं। इन कर्मचारियों के खाते में वेतन भी डाल दिया गया है ताकि अन्य कर्मचारियों को ऐसा न लगे कि निगम समय पर वेतन नहीं देगा।
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पूजा सामग्री व बागवानी का कचरा अलग उठेगा
नगर निगम पूजा सामग्री व बागवानी का कचरा अलग से लेगा। इसके लिए एमओएच व बागवानी विभाग के 17 ट्रैक्टर चलाए जाएंगे। क्योंकि पूजन सामग्री कचरे में लेना ठीक नहीं होगा, वहीं बागवानी के कचरे के निस्तारण के लिए अलग व्यवस्था है।
वेलफेयर फंड पर होगी चर्चा
सदन ने तय किया कि हर साल 10 लाख रुपये का वेलफेयर फंड कर्मचारियों के लिए बनेगा। इस फंड को कैसे लेना है, इसे खर्च किन परिस्थितियों में करना है और कर्मचारियों को इसका लाभ कैसे मिलेगा, इसके लिए एक कमेटी बनेगी। जो सदन की सहमति से आगे के कार्य तय करेगी।
बबला ने फोन पर सुनाई क्षेत्रीय महिला की समस्या, मचा बवाल
शहर में घरों से कूड़ा लेने को लेकर बवाल चल रहा था कि अचानक कांग्रेस पार्षद देवेंद्र सिंह बबला ने एक फोन कॉल का स्पीकर खोलकर अपने सामने लगे माइक पर लगा दिया और फोन पर शिकायत करने वाली महिला से शिकायत करने को कहा। महिला ने कहा कि तीन दिन से उनके घर से कूड़ा नहीं उठा है, इस पर सदन में भाजपा पार्षद भड़क गए। मेयर रविकांत शर्मा ने कहा कि आप जनता के प्रतिनिधि हैं। उनकी तरफ से आप बात रखिए। यह कार्य सदन की मर्यादा के खिलाफ है। हंगामे के बाद निगम आयुक्त ने मामले को शांत कराया।
व्यवस्था दुरुस्त होने तक नहीं कटेगा चालान
बैठक में निगम आयुक्त ने कहा कि हमारा यह उद्देश्य बिल्कुल नहीं है कि हम किसी से जबरन चालान वसूलकर निगम का राजस्व बढ़ाएं। निगम सबसे पहले अपनी व्यवस्थाएं दुरुस्त करेगा। उसके बाद लोगों को जागरूक करेगा। जब कोई चेतावनी देने के बावजूद लोग नहीं मानेंगे, तब चालान की बारी आएगी। उससे पहले हम गीला व सूखा कूड़ा अलग-अलग नहीं देने पर किसी का चालान नहीं करेंगे।
रसोई के हिसाब से आएगा शुल्क, छह माह में होगी चेकिंग
पार्षद देवेश मोदगिल, जगतार सिंह जग्गा व हीरा नेगी ने कहा कि अभी लोगों को जानकारी नहीं है कि शुल्क कैसे आएगा, इसलिए लोगों को जागरूक करने की जरूरत है। इस पर मेयर रविकांत शर्मा ने बताया कि निगम पूरे शहर में सर्वे करने के बाद घरों में रसोई गिनेगा। रसोई के आधार पर शुल्क लगेगा। हर छह माह पर निगम चेकिंग भी करेगा।
विशाखापट्टनम में आज भी रेहड़ी से उठ रहा कूड़ा : बबला
कांग्रेस पार्षद देवेंद्र सिंह बबला ने कहा कि विशाखापट्टनम में घरों से कूड़ा रेहड़ी से ही उठाया जाता है। उसके बावजूद विशाखापट्टनम स्वच्छता रैंकिंग में पांचवें नंबर पर आया है। वहां लोग खुद से कूड़ा अलग-अलग करते हैं। हमें भी जागरूकता पर ध्यान देना चाहिए। निगम आयुक्त ने कहा आज लोग 70 से 75 प्रतिशत तक सूखा-गीला कूड़ा अलग-अलग होने लगा है।
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