चंडीगढ़ में शराब की तस्करी को रोकने के लिए आबकारी एवं कराधान विभाग ट्रैक एंड ट्रेस सिस्टम लागू करने जा रहा है। शराब की हर बोतल पर क्यूआर कोड होगा, जिसे स्कैन करते ही बोतल से जुड़ी सभी जानकारियां सामने आ जाएंगी। इस व्यवस्था को लागू करने के लिए विभाग ने इच्छुक एजेंसियों से आवेदन मांगे हैं। एजेंसियां सोमवार से आवेदन कर सकती हैं।
विभाग ने यह कदम इसलिए उठाया है ताकि शहर से बड़े पैमाने पर हो रही शराब तस्करी को रोका जा सके। ट्रैक एंड ट्रेस सिस्टम के लागू होने पर शराब सप्लाई की ऑनलाइन निगरानी शुरू हो जाएगी और आबकारी विभाग को तस्करी के स्रोत के साथ जहां शराब ले जाई जाएगी, उसकी भी जानकारी मिल जाएगी। इस सिस्टम के लिए राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र, सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग चंडीगढ़ की ओर से सॉफ्टवेयर विकसित किया गया है। इसका सफल ट्रायल भी किया जा चुका है।
हितधारकों को उनकी पसंद की कंपनी से हार्डवेयर यानी प्रिंटर और स्कैनर खरीदने के लिए निर्देश पहले ही दिए जा चुके हैं। विभाग को उम्मीद है कि इस नए ट्रैक एंड ट्रेस सिस्टम से न सिर्फ शराब तस्करी को रोकने में मदद मिलेगी बल्कि इससे एक्साइज का राजस्व भी बढ़ेगा। नए सिस्टम को चलाने के लिए एक्साइज विभाग के कर्मियों के अलावा, डिपो/वेयरहाउस, मैनुफैक्चरर्स और रिटेलर्स भी यूजर्स के रूप में जुड़ेंगे।
क्यूआर कोड को स्कैन करने के लिए तैयार किया गया मोबाइल एप
आबकारी कर आयुक्त विनय प्रताप सिंह ने बताया कि इसके लिए एक मोबाइल एप भी बनाया गया है जो क्यूआर कोड को स्कैन कर शराब की बोतल की प्रमाणिकता की जांच करने में मदद करेगा। ट्रैक और ट्रेस सिस्टम हितधारकों के बीच पारदर्शिता और जवाबदेही को बढ़ावा देगा।
महत्वपूर्ण तिथियां
ई-टेंडर का प्रकाशन : 08 अप्रैल
बोलियां जमा करने की अंतिम तिथि : 22 अप्रैल सुबह 10 बजे तक
तकनीकी बोली खुलेगी : 22 अप्रैल सुबह 11 बजे
वित्तीय बोली खुलेगी : 23 अप्रैल सुबह 11 बजे