चंडीगढ़। पंजाब यूनिवर्सिटी टीचर्स एसोसिएशन (पुटा) के चुनाव का बिगुल सावन के पहले सोमवार को बज गया। इसी के साथ पुटा चुनाव की तैयारी में जुट गया है। चुनाव 21 अगस्त को होंगे। चुनाव की रणभेरी बजते ही कई उम्मीदवार अध्यक्ष पद के लिए मैदान में उतरने की तैयारी कर रहे हैं।
पुटा का चुनाव पीयू के विकास के लिए बड़ा महत्वपूर्ण होता है। इस चुनाव में भी दो से तीन गुट काम करते हैं। सभी अपने अपने अध्यक्ष, सचिव व अन्य 20 पदों पर अपने चहेतों लाना चाहते हैं। पिछले दो साल से अध्यक्ष पद पर प्रो. राजेश गिल व सचिव जेके गोस्वामी हैं। राजनीतिक जानकारों के मुताबिक यह पक्ष डॉ. नवदीप गोयल ग्रुप कहा जाता है। सूत्रों के मुताबिक इस बार भी अध्यक्ष व सचिव पद के दावेदार इन्हीं चेहरों को बनाए जाने की तैयारी की जा रही है। बताया जाता है कि इस बार चुनाव आसान नहीं है। पिछले दो सालों में किए बड़े कार्यों को शिक्षकों के बीच में ले जाना होगा। साथ ही बढ़ाए गए सदस्यता शुल्क का मामला भी तूल पकड़ रहा है और यदि खाते से सीधे सदस्यता शुल्क की रकम कटी तो फिर इस ग्रुप के लिए दिक्कत हो सकती है। हालांकि ग्रुप अपने में मजबूत माना जा रहा है और सदस्यता शुल्क बढ़ाने में यह अपना योगदान नहीं मानते हैं। उनके मुताबिक 300 रुपये सदस्यता शुल्क किए जाने की बात की गई थी।
दूसरे ग्रुप में इस बार लॉ विभाग के सीनियर प्रोफेसर देवेंद्र सिंह आते हैं। उन्हें उतारने के लिए सैकड़ों शिक्षक जुटे हुए हैं। वह पूर्व एसवीसी रहे हैं। साथ ही पुटा के कार्यक्रमों को बड़े बारीकी से देखा है और उनमें बखूबी संचालन करने के गुण भी हैं। उन्हें डीएसडब्ल्यू भी बनाए जाने की तैयारी की जा रही है। बताया जाता है कि वीसी प्रो. राजकुमार का भी उन्हें समर्थन मिला है। यही कारण है कि डीएसडब्ल्यू के लिए प्रो. इमैनुअल नाहर के नाम पर वीसी ने मुहर नहीं लगाई। हालांकि यह सीनेट तय करेगी। उससे पहले पुटा का चुनाव होगा। सूत्रों का कहना है कि एक साल में पीयू का माहौल बदला है। ऐसे में पुटा के मतदाता उनके बड़ी संख्या में संपर्क में हैं।
इसी तरह अध्यक्ष पद के दावेदार बॉटनी विभाग के प्रोफेसर एमसी सिद्धू भी हैं। वह पूर्व में दो बार सचिव रहे हैं। साथ ही ज्वाइन सेक्रेटरी भी रहे हैं। उनके पुटा के संचालन का काफी लंबा अनुभव है। इसलिए उनके समर्थक भी उन्हें चुनावी मैदान में उतारने की तैयारी कर रहे हैं। पुटा का सदस्यता शुल्क सीधे खाते से काटने के विरोध में प्रो. सिद्धूू भी हैं। इसके कारण उन्हें शिक्षकों का भी साथ मिला है। कुछ अन्य उम्मीदवार भी चुनावी मैदान में उतरने की तैयारी में है, लेकिन अभी उनके नाम सार्वजनिक नहीं हुए हैं।
इनसेट--
अध्यक्ष व सचिव दोनों सीनेट मेंबर
पुटा का अध्यक्ष सीनेट में पदेन सदस्य होता है, लेकिन अध्यक्ष पहले से ही सीनेट की मेंबर रही हैं। ऐसे में सीनेट की ओर से प्रस्ताव वाइस प्रेसीडेंट के पास भेजा गया था कि पुटा सचिव को पदेन सीनेट सदस्य बनाया जाए और उसके चलते सचिव को सीनेट में सदस्य बना दिया गया। दो साल से अध्यक्ष व सचिव सीनेट के मेंबर हैं। कर्मचारी नेता भी इसी तरह चाहते थे कि उनके सचिव भी सीनेट सदस्य बनें लेकिन ऐसा नहीं हो पाया। सूत्रों का कहना है कि एक पक्ष का दबदबा होने के कारण ऐसा किया गया था।
ये है चुनावी कार्यक्रम
तिथि कार्यक्रम
3 अगस्त मतदाता सूची जारी
6 अगस्त मतदाता लिस्ट फाइनल
9 अगस्त नॉमिनेशन, दोपहर 12 बजे से एक बजे के मध्य
10 अगस्त नाम वापसी
10 अगस्त फाइनल कंडीडेट लिस्ट जारी
21 अगस्त सुबह 8.30 बजे से दोपहर 1.30 बजे तक चुनाव। उसके बाद चार बजे मीटिंग होगी।