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पुटा शिक्षकों का मंच- सिंडिकेट व सीनेट का दखल नहीं होने देंगे, खालिद-सिद्धू ग्रुप ने ऑनलाइन प्रेसवर्ता कर कही यह बात

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चंडीगढ़। पंजाब यूनिवर्सिटी टीचर्स एसोसिएशन (पुटा) के चुनाव को लेकर आरोप-प्रत्यारोपों का दौर शुरू हो गया है। साथ ही ग्रुप चुनाव जीतने के लिए अपनी-अपनी घोषणाएं भी कर रहे हैं। मंगलवार को खालिद-सिद्धू ग्रुप ने ऑनलाइन प्रेसवार्ता की।
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उन्होंने कहा कि पिछले तीन चुनावों में घोषणाएं तो काफी हुईं लेकिन काम नहीं हुआ। न धरना दिया गया और न प्रदर्शन किए गए। रैलियां भी आयोजित नहीं की गईं। पुटा केवल सीनेट व सिंडिकेट की राजनीति में उलझी रही। पुटा इनकी पिछलग्गू बनी हुई थी। सीनेट के सदस्य पुटा का संचालन कर रहे थे लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। पुटा को स्वतंत्र संगठन बनाना है। इसे राजनीति में नहीं उलझाना। हम सिंडिकेट व सीनेट का सम्मान करते हैं लेकिन यदि पुटा के नियमों को तार-तार करने की कोशिश होगी तो वे नहीं होने देंगे।
अध्यक्ष पद के उम्मीदवार प्रो. मुहम्मद खालिद ने कहा कि पुटा शिक्षकों का संगठन है। इसका संचालन शिक्षक ही करेंगे। साथ ही चुनाव जीतकर आने वालों का भी फर्ज है कि वे शिक्षकों की सेवा करें न कि सिंडिकेट व सीनेट की ओर टकटकी लगाएं। पुटा का एक प्रतिनिधि सीनेट में शामिल होता है। वहां शिक्षकों की मांगों को रखा जाएगा और सीनेट के जरिये वे पास करवाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि पिछले तीन साल के कार्यकाल में शिक्षकों की तमाम समस्याओं का समाधान हो जाना चाहिए था लेकिन वह नहीं हो पाया। सचिव पद के उम्मीदवार प्रो. एमसी सिद्धू ने कहा है कि पीयू के सभी बड़े विभागों के शिक्षकों को प्रतिनिधि देने के लिए हमने उम्मीदवार मैदान में उतारे हैं ताकि उन विभागों की समस्याओं को और गहराई से वे जान सकें। साथ ही शिक्षकों की आवाज को मुद्दा बनाने का हम काम करेंगे और उनकी मांगों को पूरा करवाने की कोशिश होगी।
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चुनाव ऑनलाइन कराने पर दे रहे हैं जोर
खालिद-सिद्धू ग्रुप का कहना है कि वह ऑनलाइन चुनाव करवाने पर जोर दे रहे हैं। उन्होंने एक अपील सभी शिक्षकों से की है। कहा है कि वे घरों से बाहर न निकलें। अपने को सुरक्षित रखें। उनका चुनाव प्रचार पूरी तरह ऑनलाइन चलेगा। कुछ लोग घर-घर जाकर घंटियां बजा रहे हैं। दरवाजे खटखटा रहे हैं जो गलत है क्योंकि घर में बच्चे से लेकर बुजुर्ग तक रहते हैं। ऐसे में कोरोना का खतरा है।
ये की हैं घोषणाएं
100 से अधिक शिक्षकों की पास्ट सर्विस काउंट नहीं हो पाई। अब इस पर काम किया जाएगा।
शिक्षकों के कैश प्रमोशन डेढ़ साल से लटके हुए हैं, वे करवाए जाएंगे।
सातवां वेतनमान लागू करवाने के पूरे प्रयास होंगे।
शिक्षकों को आवास दिलवाने व उनकी मरम्मत करवाई जाएगी।
छात्रों के अनुपात में शिक्षकों की संख्या कम है, ऐसे में शिक्षकों की भर्ती आदि करवाने के लिए प्रयास होंगे।
डेंटल कॉलेज के शिक्षक जो पुटा से अलग हो गए, उन्हें पुटा में लाने के फिर प्रयास किए जाएंगे।
25 साल की नौकरी पर पेंशन का लाभ दिलाने का काम होगा।
शिक्षकों को अर्जित छुट्टी (अर्न लीव) दिलाने का काम किया जाएगा।
कोरोना के मध्य चल रही ऑनलाइन कक्षाओं के लिए इंटरनेट की बेहतर सुविधाएं दिलाई जाएगी।
हमने तीन साल में कई मुद्दों पर काम किया है और आगे भी करते रहेंगे। आरोप लगाने वाले लगाएं लेकिन शिक्षक सभी जानते हैं कि हमने काम किए हैं। शिक्षकों का समर्थन हमें मिल रहा है। चुनाव ऑफलाइन करवाया जा रहा है। इसमें हम मदद करेंगे ताकि लोग सुरक्षित रह सकें। -डॉ. मृत्युंजय कुमार, पूर्व उपाध्यक्ष एवं अध्यक्ष पद के उम्मीदवार
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