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कनाडा में फंसे पंजाबी युवा: पीआर की फाइलें क्लीयर न वर्क वीजा बढ़ा रहा, सवा लाख छात्रों पर निर्वासन का खतरा

Fri, 04 Oct 2024 02:59 PM IST
निवेदिता वर्मा सुरिंदर पाल, अमर उजाला, जालंधर (पंजाब)

सार

नए जीवन की उम्मीद लेकर कनाडा पहुंचे छात्र अब प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो की सरकार की नीतियों के शिकार बन रहे हैं। हाल ही में, ट्रूडो सरकार ने स्टडी परमिट और परमानेंट रेजिडेंसी नॉमिनेशन की संख्या को सीमित कर दिया है, जिससे अंतरराष्ट्रीय छात्रों पर बड़ा असर पड़ा है।
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कनाडा के पीएम ट्रूडो (फाइल) - फोटो : एएनआई / सीपीएसी
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विस्तार
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कनाडा की ट्रूडो सरकार की मनमानी माइग्रेशन नीतियों के कारण हजारों अंतरराष्ट्रीय छात्र संकट में आ गए हैं। लागू की गई नीतियों से सवा लाख से अधिक भारतीय छात्रों पर डिपोर्टेशन का खतरा मंडरा रहा है। 
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यह वे छात्र हैं, जो कनाडा में उच्च शिक्षा और बेहतर भविष्य की उम्मीद लेकर गए थे। दिसंबर में भारी संख्या में छात्रों का वर्क वीजा खत्म होने जा रहा है लेकिन सरकार न तो अस्थायी नागरिकता की फाइल क्लीयर कर रही है और न ही वर्क वीजा बढ़ाने के लिए आवेदन लेने शुरू किए हैं।

हिमायत में आए पंजाबी सिंगर

कनाडा में छात्र सड़कों पर हैं और अब पंजाबी सिंगरों ने इनकी हिमायत करनी शुरू कर दी है। कनाडा दाैरे के दौरान पंजाब के गायक गुरु रंधावा पंजाबी युवाओं की तरफ से चल रही हड़ताल में शरीक हुए। उन्होंने पंजाबी मूल के लोगों से अपील की कि वह इन युवाओं की मदद करने के लिए आगे आएं। रंधावा ने कहा कि जो पंजाबी पुराने समय में जो आकर पंजाब में बस गए थे, उन्हें संकट की घड़ी में युवाओं का साथ देना चाहिए ताकि उनकी आवाज कनाडा सरकार तक पहुंच सके।

कनाडा के विभिन्न प्रांतों में इस फैसले के खिलाफ विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं, लेकिन ट्रूडो सरकार की कड़ी नीतियों ने हजारों छात्रों को अनिश्चित भविष्य की तरफ धकेल दिया है। ताजा आंकड़ों में कनाडा में एक लाख 30 हजार से अधिक अंतरराष्ट्रीय स्नातक छात्रों पर निर्वासन का खतरा मंडरा रहा है जबकि मई माह में आंकड़ा करीब 70 हजार था। 

बचे दो ही विकल्प

अब पंजाबी युवाओं के समक्ष दो ही विकल्प हैं, या तो वह अवैध रूप से कनाडा में छिपकर अपना जीवन व्यतीत करें या फिर कनाडा छोड़कर भारत आ जाएं। कुछ युवाओं ने कनाडा से अमेरिका रुख करना शुरू कर दिया है। कनाडा के विभिन्न प्रांतों, जैसे प्रिंस एडवर्ड आइलैंड, ओंटारियो, मैनिटोबा, और ब्रिटिश कोलंबिया में छात्र विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। छात्र सड़कों पर कैंप लगा रहे हैं और रैलियां निकाल रहे हैं। युवाओं का कहना है कि हमारी पीआर की फाइलें लंबित पड़ी हैं, जिनको कनाडा सरकार क्लीयर नहीं कर रही। ऐसे में सरकार को दो साल का वर्क वीजा बढ़ा देना चाहिए।

कनाडा में नियम सख्त हो रहे हैं 

कनाडा की राजधानी ओटावा के नामचीन पंजाबी समुदाय का नेतृत्व करने वाले जसविंदर सिंह जस्सा का कहना है कि कनाडा में नियम सख्त हो रहे हैं। ऐसे में सरकार पर इन छात्रों को लेकर खासा प्रेशर है लेकिन सरकार की तरफ से जो नियम बनाए गए हैं वह काफी सख्त हैं। इसका असर पंजाबी युवाओं पर हो रहा है।

कनाडा में पीआर वालों की आबादी 20 फीसदी

वर्तमान में, कनाडा में वार्षिक अप्रवासन लगभग पांच लाख है, जो दुनिया के किसी भी देश की प्रति जनसंख्या उच्चतम दरों में से एक है। 2023 तक, कनाडा में स्थायी निवास वाले आठ मिलियन से अधिक अप्रवासी रह रहे थे, जो कुल कनाडाई आबादी का लगभग 20 प्रतिशत है। कनाडा में बेरोजगारी के बढ़ते नए नियम लागू किए जा रहे हैं।
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