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अलविदा 2016: पठानकोट...नाभा...बेअदबी जैसे विवादों के नाम रहा 'प्रोग्रेसिव पंजाब'

Wed, 28 Dec 2016 09:47 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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कुछ खट्‍टी, कुछ मीठी यादें - फोटो : File Photo
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साल 2016 खत्म होने को है। ऐसे में जब पूरे साल को याद करें तो पठानकोट, नाभा, बेअदबी जैसे कड़वी यादे ज़हन में आतीं है। 2016 की शुरूआत से लेकर अब तक 11 महीनों में ऐसे कई मामले सामने आए हैं जिनमें पुलिस पुलिस की पोल खुल गई।
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हालांकि पुलिस ने बाद में कुछ मामले हल किए जाने का दावा किया लेकिन घटनाओं की रफ्तार और अपराधियों के हौसले देखकर इस साल को अपराध का साल ही माना जाएगा। आगे की स्लाइड्स में देखिए कैसा रहा पंजाब 2016... 

पठानकोट एयरफोर्स स्टेशन पर हमला

पठानकोट हमला - फोटो : File Photo
2 जनवरी 2016  की शुरूआत में ही सीमा पार से आए पाकिस्तानी आतंकवादियों ने पंजाब को 3 दिन ग्रहण लगाए रखा। पठानकोट में स्थित भारत के अहम एयरफोर्स स्टेशन पर आतंकवादियों ने जमकर खून की होली खेली जिसमें 6 आतंकवादी तो मार दिए गए परन्तु साथ ही देश के 7 बहादुर जवानों को भी शहादत का जाम पीना पड़ा।

खास बात यह है कि हमले से एक दिन पहले पंजाब पुलिस के एस.पी. सलविन्दर सिंह को आतंकवादियों ने अगवा किया था जिसको बाद में चलती कार से बाहर फैंक आतंकी फ रार हो गए थे। सलविन्दर सिंह के मुताबिक इसकी सूचना पुलिस को दी गई परन्तु किसी ने इस मामले को गंभीरता से नहीं लिया जिसके बाद पठानकोट एयरबेस में आतंकवादी हमला हुआ था।

पेशी पर आए कैदी फरार

पेशी पर आए कैदी फरार - फोटो : File Photo
19 मार्च: पठानकोट हमले के बाद पंजाब पुलिस की कारगुजारी ने उस समय शर्मसार किया जब पेशी भुगतने के बाद कैदी पुलिस को फिल्मी अंदाज में चकमा देकर फरार हो गए। दरअसल जालंधर पुलिस 2 कैदियों को अमृतसर जिला अदालत में पेशी भुगतने के लिए लेकर गई थी जहां कैदियों ने पुलिस को नशीला जूस पीला दिया। जूस पीने के बाद पुलिस मुलाजिम बेहोश हो गए जिसके बाद एक कैदी अपनी हथकडिय़ां तोड़कर फ रार हो गया और दूसरा कैदी हथकड़ी न टूटने के कारण भागने में नाकाम रहा।

माता चंद कौर की हत्या

माता चंद कौर की हत्या - फोटो : File Photo
4 अप्रैल: नामधारी सम्प्रदाय की गुरु माता चंद कौर जी की लुधियाना में अज्ञात हमलावरों ने गोलियां मारकर हत्या कर दी थी। घटना के बाद जख्मी हालत में उनको लुधियाना के सत्गुरु प्रताप सिंह अस्पताल में भर्ती करवाया गया था, जहां इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। हमला उस समय हुआ जब वह गुरुद्वारा भैणी साहिब में बने स्कूल में बच्चों से मुलाकात करके बाहर जा रही थीं। इस दौरान 2 लोग उनके पास माथा टेकने आए और हमला कर फरार हो गए। हत्यारों की जगह आज पुलिस के हाथ सिर्फ  मायूसी ही लगी हुई है।

ढडरियां वाले पर हमला

संत रणजीत सिंह ढडरियां - फोटो : फाइल फोटो
17 मई: सिख प्रचारक रणजीत सिंह ढडरियां वाले पर मुल्लांपुर में हथियारबंद बदमाशों ने कातिलाना हमला किया। हमले में रणजीत सिंह तो बाल-बाल बच गए परन्तु उनके एक साथी की मौत हो गई। 15-20 लोगों की तरफ  से किए गए हमले में बच जाने के बाद उनके चालक ने गाड़ी भगा ली जिसके बाद हमलावर उनको जान से मारने के मकसद से कई किलोमीटर तक उनका पीछा करते रहे। पंजाब में सुरक्षा के सरकारी दावों की धज्जियां उडऩे के बाद पुलिस ने कुछ गिरफ्तारियां भी कीं परन्तु अभी तक पुलिस असली आरोपियों तक पहुंचने में नाकाम रही है।

24 अप्रैल: शिव सेना नेता को गोलियों से भूना
इस घटना से ठीक 10 दिन बाद यानी 24 अप्रैल, 2016 को लुधियाना में शिव सेना के पंजाब प्रधान दुर्गा गुप्ता को 2 अज्ञात मोटरसाइकिल सवार हमलावरों ने गोलियों से भून दिया। अफसोस कि उन हमलावरों का पंजाब पुलिस के पास कोई सुराग नहीं है।

जालंधर में आर.एस.एस. नेता गगनेजा पर हमला

आरएसएस नेता जगदीश गगनेजा पर जालंधर में गोलीबारी - फोटो : File Photo
6 अगस्त: जालंधर में आर.एस.एस. नेता गगनेजा पर हमला
इन वारदातों के बाद एक बार फिर जालंधर में गोलीकांड हुआ। इस बार निशाने पर थे आर.एस.एस. की पंजाब इकाई के सह-संचालक जगदीश गगनेजा जिनको जालंधर के ज्योति चौक में गोलियां मार दी गईं। 47 दिन अस्पताल में जिंदगी और मौत के साथ लडऩे के बाद आखिरकार 22 सितम्बर को उनकी मौत हो गई। इस मामले में भी पुलिस की फाइलें थानों में धूल फांक रही हैं। आरोपियों का आज तक कोई सुराग नहीं लग सका है।

3 जून: जालंधर के कपड़ा व्यापारी की हत्या
जालंधर के कपड़ा व्यापारी की दिन-दिहाड़े गोलियां मारकर हत्या कर दी गई। घटना जालंधर के कम्पनी बाग चौक नजदीक घटी जब अनिल कुमार उर्फ  बिल्ला अपनी गाड़ी में जिम से बाहर निकले थे तो अज्ञात व्यक्ति ने उसकी गोलियां मारकर हत्या कर दी। इस कत्ल की गुत्थी के न सुलझने के कारण पंजाब पुलिस आज भी अपने गले में नाकामी का हार पहने बैठी है।
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नाभा में जेल ब्रेक कांड

नाभा जेल ब्रेक - फोटो : फाइल फोटो
27 नवंबर: नकली पुलिस बनकर आए बदमाश एक बार फिर असली पुलिस को धोखा दे गए। नाभा की हाई सिक्योरिटी जेल में से बदमाश गोलियां चलाते हुए 2 खतरनाक खालिस्तानी आतंकवादियों समेत कुल 6 कैदियों को भगाकर ले गए और पुलिस बस इस घटना को फि ल्म की तरह देखती रही। बड़ी नाकामी के बाद अपनी साख बचाने की कोशिश में पंजाब पुलिस ने उस समय एक और बदनामी कमा ली जब समाना में एक 24 साल की लड़की का गलती से एन्काऊंटर कर दिया।

कुछ अन्य मामलों पर नजर 
रॉकी फाजिल्का कत्ल- 30 अप्रैल को जेल में बैठे शेर खुब्बण गैंग ने रॉकी का करवाया कत्ल। 
अमृतसर गैंगवार:  4 मई को सोनू कंगाल गैंग ने हरा गैंग के सरगना राहुल पर अंधाधुंध चलाईं गोलियां 
फरीदकोट गैंगवार : 9 मई को पूर्व गैंगस्टर दविन्दर सिंह हैप्पी को गोलियां मारकर उतारा मौत के घाट 
तरनतारन गैंगवार: 9 अगस्त को जग्गू भगवानपुरिया गैंग और दविन्दर बम्बीहा के बीच हुई गैंगवार में गैंगस्टर लम्बा पट्टी की हुई मौत। दविन्दर बम्बीहा एन्काऊंटर 9 सितम्बर को पुलिस ने गैंगस्टर दविन्दर बम्बीहा को एन्काऊंटर में किया ढेर। 
अमृतसर जेल गैंगवार: 13 सितम्बर को जग्गू भगवानपुरी और लिखारी ग्रुप में हुई गैंगवार
अमृतसर : खालसा कालेज में गैंगवार। कालेज की अध्यक्षता को लेकर भिड़े 2 विद्यार्थी गुट, 200 से अधिक हुए फायर।फिलहाल अब तक साल 2016 पंजाब के लिए हादसों भरा रहा है। एक के बाद एक बड़ी वारदातों ने जहां लोगों की रूह कंपा दी, वहीं पुलिस प्रशासन का ढीला रवैया भी खूब चर्चा का विषय बना रहा।

 
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