एसवाईएल के मुद्दे पर कैप्टन अमरिंदर सिंह के चुनौती भरे बयान ने पंजाब की सियासत में उबाल दिया है। लोकसभा में कांग्रेस पक्ष के उप नेता और प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा है कि पंजाब का और पानी बाहर गया तो माहौल बिगड़ेगा।
बता दें कि नदी जल बंटवारे का मुद्दा पंजाब में सियासी रंगत ले गया है। इस मसले पर शुरू से ही पंजाब की सियासत चलती आई है, लेकिन ताजा घटनाक्रम ने एक बार फिर इसे जीवंत करते हुए प्रदेश की राजनीति में उबाल ला दिया है।
इस पर चल रही बयानबाजी ने आतंकवाद के समय के जख्मों को कुरेदने का काम किया है। एसवाईएल का मामला सुप्रीम कोर्ट में पहुंच गया और आज भी वहीं लंबित है।
मोदी नदियों को जोड़ने की बात कर रहे
आज जहां प्रदेश की लगभग सभी पार्टियों के नेता यह कह रहे हैं कि पंजाब का एक भी बूंद और पानी पंजाब से बाहर नहीं जाने देंगे, वहीं केंद्र सरकार की ओर से देशभर की नदियों को जोड़ने सहित एसवाईएल विवाद को बातचीत से हल करने के बयान दागे जा रहे हैं।
पंजाब के राजनेता शुरू से ही एकसुर में एसवाईएल का विरोध करते आ रहे हैं, वहीं प्रदेश में आतंकवाद पनपने के कारणों में यह मसला एक बड़ी वजह था। पानी के मसले पर जहां अकालियों ने 70 व 80 के दशक में मोर्चे लगाए, वहीं युवाओं ने हथियार उठा लिए थे।
इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सभी नदियों को जोड़ने संबंधी बयान आया तो केंद्रीय जल संसाधन मंत्री उमा भारती ने एसवाईएल मसले का हल बातचीत के जरिए करने की बात कही।
इस पर पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने स्पष्ट कहा है कि पंजाब एक बूंद और पानी किसी अन्य प्रदेश को नहीं देगा, क्योंकि राज्य के पास अतिरिक्त पानी है ही नहीं। एसवाईएल पर उमा के बयान का भी बादल ने विरोध किया है।
'कैप्टन का बयान गैर जिम्मेदाराना'
हरियाणा के शिक्षा मंत्री रामबिलास शर्मा ने कैप्टन अमरिंदर सिंह के नदी जल संबंधी बयान को गैर जिम्मेदाराना बताया है। कहा कि हरियाणा में पानी की बेहद कमी है और इसे नदियों से अपने हिस्से का पानी मिलना ही चाहिए।
स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज शुक्रवार को पंचायत भवन में जिला लोकसंपर्क एवं कष्ट निवारण समिति की मासिक बैठक की अध्यक्षता करने के उपरांत पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार हरियाणा प्रदेश के सभी हकों को लेगी और हक लेने के लिए कभी पीछे नहीं हटेगी। एसवाईएल के पानी पर हरियाणा का हक है।
अवार्ड के अनुसार एसवाईएल का पानी लेना प्रदेश का हक बनता है। पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरेंद्र व कांग्रेस पार्टी हमेशा इस मामले के खिलाफ रहे हैं। उनकी कोई सोच नहीं है और न ही कांग्रेस पार्टी के पास कोई ताकत है, जो एसवाईएल के पानी पर हरियाणा प्रदेश के हक को रोक सके।
उन्होंने कहा कि हरियाणा प्रदेश की सरकार की सकारात्मक सोच है। इस सोच के साथ ही राज्य सरकार अंतर्राज्यीय समस्याओं और अन्य मामलों का समाधान करने के लिए हमेशा तत्पर हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार हरियाणा प्रदेश में शांति बनाए रखना चाहती है।
'एसवाईएल पानी का मिलेगा पूरा हक'
हरियाणा के स्वास्थ्य एवं खेल
मंत्री अनिल विज ने कहा कि एसवाईएल के पानी का पूरा हक प्रदेश के लोगों को
मिलेगा। प्रदेश को अवार्ड के अनुसार एसवाईएल पानी का हक मिलना चाहिए। इस
मामले को लेकर पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री अमरेंद्र सिंह और कांग्रेस की
नकारात्मक सोच रही है।