पंजाब यूनिवर्सिटी छात्र संघ चुनाव को पेपर लैस कराने के लिए बनाई गई कमेटी की तरफ से कई फायदे देने वाले बेहतरीन सुझाव दिए गए हैं। इन सुझावों से कागज तो बचेगा ही साथ ही चुनाव भी डिजिटल मोड में आ जाएगा। कमेटी ने सुझाव दिया है कि पीयू के रेडियो स्टेशन की मदद चुनाव प्रचार के समय ली जानी चाहिए। सभी छात्र संघों को एक तय टाइमिंग अलाट कर देनी चाहिए, ताकि चुनाव के समय वे अपना प्रचार कर सकें।
इसके अलावा पोस्टरों से पीयू की इमारतों को बचाने के लिए डिजिटल डिस्पले बोर्ड लगाने चाहिए। स्टूडेंट सेंटर सहित हॉस्टलों में यह व्यवस्था होने से छात्र संघ पोस्टर नहीं लगाएंगे। डिजिटल बोर्ड के अलावा एलईडी का भी इस्तेमाल किया जा सकता है, जिसमें सभी दलों को बराबर टाइमिंग अलाट की जाए। पीयू प्रबंधन ने 2018 से छात्र संघ के चुनाव पेपर लैस कराए जाने पर काम कर शुरू कर दिया है।
इसके लिए पूर्व डीन स्टूडेंट वेलफेयर सहित कई प्रोफेसर को साथ लेकर एक कमेटी बनाई गई है। इस कमेटी की वीरवार को हुई बैठक में रेडियो और डिजिटल बोर्ड के अलावा अन्य कई सुझाव आए। साथ ही पीयू स्टूडेंट काउंसिल से भी आपत्तियां या सुझाव मांगे गए। पीयू स्टूडेंट काउंसिल के उप प्रधान करनवीर माहल ने पेपर लैस चुनाव का समर्थन किया। संयुक्त सचिव करन रंधावा ने भी डिजिटल बोर्ड लगवाए जाने का सुझाव दिया।
कमेटी की बैठक और काउंसिल के सुझाव आने से यह तय है कि कि अगले चुनाव पेपर लैस होंगे। इससे सबसे बड़ी राहत पीयू कैंपस, शहर के कालेज और अन्य इमारतों को मिलेगी, जो चुनाव के समय में पोस्टरों से अट जाती हैं।
डिजिटल बोर्ड के साथ एप भी
पेपर लैस चुनाव कराने के लिए पंजाब यूनिवर्सिटी की योजना है कि डिजिटल बोर्ड लगवाया जाए। जिसमें सभी छात्र संघों को बराबर जगह उपलब्ध कराई जाए। इस डिजिटल बोर्ड में ही ई-पोस्टर अपलोड किए जाएं ताकि दीवारें और अन्य प्रापर्टी पोस्टरों से खराब ना हो।
इसके अलावा जब सोशल मीडिया प्रचार करने का जरिया है तो पोस्टर की जरूरत नहीं रह जाती। इसके अलावा एक एप बनवाने का सुझाव भी दिया गया है। जिसे स्टूडेंट अपने मोबाइल में डाउनलोड कर सकें। इस एप में पीयू की रोजाना होने वाली जानकारी तो हो ही, साथ ही इसका इस्तेमाल चुनाव प्रचार के लिए भी किया जा सके।
हाईकोर्ट ने पूछा था पेपर लैस चुनाव के लिए
2017 में हुए छात्र संघ चुनाव के बाद पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में एक याचिका दायर हुई थी। इसमें गुहार लगाई गई थी कि छात्र संघ के चुनाव पेपर लैस होने चाहिए क्योंकि इसमें काफी खर्च होता है और पोस्टरों से इमारतें भी खराब होती हैं।
इस पर हाईकोर्ट ने यूजीसी और पीयू को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था। पीयू ने पेपर लैस चुनाव कराए जाने पर सहमति जताई। इसी के चलते अब एक कमेटी बनाई गई है जो पेपर लैस चुनाव कराने के लिए एक एजेंडा तैयार कर रही है।
100 से ज्यादा केस हुए थे दर्ज
जब भी छात्र संघ के चुनाव आते हैं अलग-अलग छात्र गुटों का प्रचार करते पोस्टर शहर की खूबसूरती धूमिल करते हैं। हर साल चुनाव के दौरान डिफेसमेंट एक्ट के तहत पोस्टर लगाने वालों के खिलाफ केस दर्ज होते हैं। पिछले साल हुए चुनाव के दौरान भी करीब 100 केस डिफेसमेंट एक्ट के तहत दर्ज किए गए थे। अगर चुनाव पेपर लैस होंगे तो इन मामलों से भी पीयू प्रबंधन और पुलिस को छुटकारा मिलेगा।
सभी विभागों में डिजिटल बोर्ड लगवाने का सुझाव दिया गया है। जब हर जगह पेपर का इस्तेमाल कम हो रहा है, तो हमें भी इसमें अपना सहयोग देना चाहिए। डिजिटल बोर्ड लगने से रूटीन में जारी होने वाले नोटिस भी इन पर डिस्पले हो सकेंगे।
- करन रंधावा, संयुक्त सचिव पीयू स्टूडेंट काउंसिल
चुनाव प्रचार के लिए रेडियो और डिजिटल बोर्ड एक बेहतरीन सुझाव है। साथ ही एक एप भी तैयार करनी चाहिए, क्योंकि वेबसाइट से ज्यादा एप को इस्तेमाल करना आसान रहता है। इस एप को रूटीन में पीयू की गतिविधियों के अलावा चुनाव में भी इस्तेमाल किया जा सकता है।
- करनवीर माहल, उप प्रधान पीयू स्टूडेंट काउंसिल