जलालाबाद (फिरोजपुर) में दुल्हा साइकिल पर सवार होकर दुल्हन लेने जाता हुआ
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दूल्हा साइकिल पर सवार होकर दुल्हन को लेने के लिए पहुंचा। बारात में सिर्फ 21 लोग थे। लड़के वालों ने लड़की वालों से कोई दहेज नहीं लिया सिर्फ तीन जोड़ी कपड़ों में दुल्हन को लेकर अपने घर पहुंचे। यह शादी बहुत ही साधारण थी। इसे देखने के लिए पूरा गांव उमड़ पड़ा।
प्रांतीय पूर्व सीनी. उप प्रधान जोगिन्द्र सिंह राजपूत ने कहा कि सिरकीबन्द बिरादरी में जहां विवाह शादियों और मृत्यु में लेनेदेन का बहुत चलन है, पर यह लोग विवाह शादियों और मौत पर अपनी नाक रखने के लिए कर्ज उठा कर यह सब कुछ करते हैं और सारी उम्र फाइनेंसरों के कर्जे में दबे रहते हैं। यहां तक की गिरवी रखा मकान भी बेचना पड़ जाता है।
उनके भतीजे सुक्खा सिंह का शादी है और उन्होंने पुराने रीति रिवाजों को छोड़ कर सिर्फ 21 बारातियों के साथ लड़की के यहां आए हैं। जबकि उनके अपने घर के ही लगभग 100 सदस्य हैं। दूल्हा साइकिल पर आया है। उन्होंने बताया कि वो सिर्फ 3 कपड़ों में दुल्हन लेकर आए हैं। उनके ओर से सिरकीबन्द बिरादरी में दहेज प्रथा बंद करने के लिए यह पहला कदम उठाया गया है।