मुख्यमंत्री की यह प्रतिक्रिया केंद्रीय गृह मंत्रालय के एक पत्र के संदर्भ में सामने आई, जिसमें यह फैसला किया गया कि मानवीय आधार पर श्री गुरु नानक देव जी के 550वें प्रकाश पर्व के मौके पर देश की विभिन्न जेलों से 9 सिख कैदियों की रिहाई के विशेष इंतजाम किये जाएं। इन कैदियों की रिहायी के लिए संबंधित राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों को पत्र भेजा गया है।
18-28 साल की सजा भुगत चुके हैं कैदी
टाडा कैदियों में से कई 18 से 28 साल तक उम्र कैद की सजा भुगत चुके हैं और पंजाब सरकार ने अपने प्रस्ताव में कहा था कि सरकार यह महसूस करती है कि भारत सरकार के गृह मंत्रालय को लंबे समय से जेलों में बंद ऐसे दोषियों/ कैदियों को रिहा कर दिया जाना चाहिए, जो राज्य सरकार के मुताबिक समाज के लिए किसी तरह का खतरा नहीं हैं। प्रस्ताव में यह भी कहा गया था कि राज्य सरकार को सुप्रीम कोर्ट के विभिन्न फैसलों और कानून की पालना में केंद्रीय गृह मंत्रालय की तरफ से यदि इन कैदियों को रिहा किया जाता है, तो उसे कोई एतराज नहीं होगा।