प्रवक्ता ने बताया कि आय संबंधी नियमों में संशोधन किया गया है। नई योजना के अंतर्गत सहायता प्राप्त करने वाले विद्यार्थी के माता -पिता की साझी आय की सीमा 2.50 लाख से बढ़ाकर चार लाख रुपये कर दी गई है। अनुसूचित जातियों के विद्यार्थियों पर कोर्स की फीस का कोई बोझ नहीं पड़ेगा। बाकी नियम और शर्तें भारत सरकार की पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना -2018 वाली ही रहेंगी।
पंजाब सरकार पूरा करेगी एक लाख नौकरियों का वादा
पंजाब मंत्रिमंडल ने सरकार के बाकी कार्यकाल के दौरान नौजवानों को एक लाख सरकारी नौकरियां देने का वादा पूरा करने के लिए सरकारी विभागों, बोर्डों, निगमों और एजेंसियों के खाली पदों को समयबद्ध ढंग से भरने के लिए राज्य रोजगार योजना 2020-22 को मंजूरी दे दी। मंत्रिमंडल की तरफ से पहले लिए फैसले के मुताबिक, यह भर्ती केंद्र सरकार के वेतन स्केल के अनुसार की जाएगी। साल 2020 -21 के दौरान सरकारी पदों पर चुने गए उम्मीदवारों की औपचारिक तौर पर नियुक्ति के लिए स्वतंत्रता दिवस 2021 के मौके पर एक राज्य स्तरीय कार्यक्रम करवाया जाएगा, जिसकी अध्यक्षता मुख्यमंत्री करेंगे।
उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री ने मार्च में एलान किया था कि सरकार के प्रमुख प्रोग्राम ‘घर-घर रोजगार’ के तहत वित्तीय वर्ष 2020 -21 में कोटे के मुताबिक प्रत्यक्ष 50,000 खाली सरकारी पद और वित्तीय 2021 -22 में और 50,000 पद भरें जाएंगे।
ग्रुप सी पदों की भर्ती के लिए इंटरव्यू नहीं
प्रवक्ता ने बताया कि रोजगार सृजन, कौशल विकास और प्रशिक्षण विभाग ने सभी प्रशासकीय विभागों से प्रत्यक्ष भर्ती के लिए योग्य खाली पद श्रेणी -आधारित एकत्र किए हैं। इनमें ग्रुप ए (3959), ग्रुप बी (8717) और ग्रुप सी (36313) पद शामिल हैं, जिससे पदों की कुल संख्या 48,989 बनती है। मंत्रिमंडल ने फैसला किया कि ग्रुप -सी के पदों पर भर्ती के लिए इंटरव्यू की जरूरत नहीं पड़ेगी।
सभी इंजीनियरिंग पद पीपीएससी भरेगा
सभी विभागों /बोर्डों /निगमों /अथॉरिटियों आदि में जूनियर इंजीनियर और इससे ऊपर के स्तर के सभी इंजीनियरिंग पद एक साझे इम्तिहान द्वारा पीपीएससी की तरफ से भरे जाएंगे। प्रवक्ता ने बताया कि विभागों को ग्रुप -ए और ग्रुप -बी की भरने योग्य खाली पदों को भर्ती के लिए 31 अक्तूबर, 2020 तक पीपीएससी के पास भेजने को कहा गया है और इन पदों की भर्ती प्रक्रिया 30 जून, 2021 तक मुकम्मल की जाएगी।