कोटकपूरा व बहिबल कलां मामले की जांच करने वाली एसआईटी के प्रमुख आईजी कुंवर विजय प्रताप सिंह अपने इस्तीफे पर कायम हैं। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने उन्हें मनाने की काफी कोशिश की लेकिन उन्होंने ही सीएम को मना लिया है। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने उन्हें एसआईटी से बाहर करने का आदेश दिया है। वे इसी बात से नाराज हैं।
चंडीगढ़ में शुक्रवार को पंजाब के राज्यपाल से मिलकर राजभवन से बाहर निकले विजय प्रताप पर मीडिया ने सवालों की झड़ी लगा दी। राज्यपाल से मुलाकात के बारे में उन्होंने केवल इतना कहा कि वे हर महीने व्यक्तिगत तौर पर राज्यपाल से मुलाकात करते हैं।
आज भी वे निजी तौर पर उनसे मिलने आए थे। उनके इस्तीफे पर पूछे गए सवाल पर कुंवर विजय प्रताप ने कहा कि उन्होंने मुख्यमंत्री को मना लिया है। उन्होंने कैप्टन को विश्वास दिलाया कि अगर सरकार को इस मामले को अंजाम तक पहुंचाने के लिए उनसे किसी भी तरह की मदद की जरूरत होगी तो वे जरूर करेंगे।
पहले ही सार्वजनिक है जांच रिपोर्ट
कोटकपूरा व बहिबल कलां मामले की जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करने के बारे में पूछे गए सवाल पर विजय प्रताप सिंह ने कहा कि यह तो अदालत में दायर किए केस के तहत चालान के रूप में पेश की जा चुकी है। इस तरह यह रिपोर्ट तो पहले ही सार्वजनिक हो चुकी है। जो लोग एसआईटी की जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग कर रहे हैं, वे शायद इस बात को नहीं जानते।
एसआईटी का मतलब तो लगता है सिट डाउन : सिद्धू
पूर्व मंत्री नवजोत सिद्धू ने कहा कि आज तक सरकारों की ओर से जो भी एसआईटी बनाई गईं, कभी उसका कोई नतीजा नहीं निकला। इन एसआईटी का मतलब तो यह लगता है कि सिट डाउन। सिद्धू ने कहा कि वह हमेशा ही गलत के खिलाफ आवाज उठाते रहे हैं और आगे भी उठाते रहेंगे।