अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। पंजाब सरकार ने रबी और खरीफ सीजन में अनाज की खरीद में समस्याओं का समाधान करने के लिए मंत्री समूह का गठन किया था, जिसकी पहली बैठक मंगलवार को हुई। बैठक में बताया गया कि राज्य सरकार ने 46 लाख मीट्रिक टन क्षमता के कवर्ड गोदाम बनाने के लिए केंद्र की हाई लेवल कमेटी को प्रस्ताव भेजा है। अगर ये गोदाम बनते हैं तो प्रदेश में स्टोरेज क्षमता का स्थायी समाधान हो जाएगा।
कैबिनेट मंत्री लाल चंद कटारूचक्क ने बताया कि केंद्र से हर माह 10 से 12 लाख मीट्रिक टन चावल के उठान की भी मांग की है। हर साल 120 मीट्रिक टन के करीब चावल का उठान केंद्र ने करना होता है। अगर इतने चावल का उठान होगा, तभी जाकर यह समस्या हल होगी। वहीं, किसानों ने बैठक में किसान यूनियन का प्रतिनिधित्व न देने के चलते सरकार का विरोध किया है। भारतीय किसान यूनियन के नेता हरिंदर सिंह लख्खोवाल ने कहा कि किसानों को शामिल न करने के चलते वह कमेटी का विरोध करते हैं। साथ ही उन्होंने चीनी मिलों का 203 करोड़ बकाया जारी न करने का भी आरोप लगाया है।
विभाग के अनुसार पंजाब के पास 175 लाख मीट्रिक टन का स्पेस है, जो फुल है, लेकिन इस साल दिसंबर तक 40 लाख मीट्रिक टन जगह उपलब्ध करवा दी जाएगी। इसके इलावा अगले साल जून के अंत तक लगभग 82-83 लाख मीट्रिक टन जगह बनाने का लक्ष्य तय किया गया है। कटारूचक्क ने किसानों से नकली किस्मों के बीजों के प्रयोग से गुरेज करने की भी अपील की। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार न्यूनतम समर्थन मूल्य पर अनाज का दाना-दाना खरीदने के लिए वचनबद्ध है। इसके इलावा फसलों में नमी की मात्रा घटाने के लिए उन्होंने किसान भाईचारे को सुबह 10 बजे से शाम छह बजे तक ही कंबाइनों का प्रयोग करने की सलाह दी।