घायलों से मुलाकात करते हुए सीएम अमरिंदर सिंह
कैप्टन ने कहा कि राष्टीय जांच एजेंसी (एनआईए) भी इस आतंकी घटना की जांच में शामिल है। पुलिस को इस आतंकी घटना के कुछ सुराख मिले हैं। क्या सुराग मिले हैं, इसके बारे में कहना ठीक नहीं होगा।
इस घटना को 1978 के निरंकारी कांड से जोड़ कर न देखें
कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि गांव अदलीवाल के निरंकारी भवन में हुई आतंकी घटना को 1978 में बैसाखी पर सिखों और निरंकारियों के बीच हुई घटना के साथ जोड़ कर नहीं देखा जाना चाहिए। 1978 की घटना का विवाद धर्म के साथ जुड़ा हुआ था, जबकि अदलीवाल की घटना आतंकी हमला है। उन्होंने कहा कि इस घटना का धर्म के साथ कोई नाता नहीं है।
सभी महत्वपूर्ण स्थानों पर लगेंगे सीसीटीवी कैमरे
कैप्टन ने कहा कि जैश-ए-मोहम्मद के सरगना जाकिर मूसा के पंजाब में प्रवेश करने के बाद से ही प्रदेश में रेड अलर्ट लागू है। महत्वपूर्ण स्थानों, भवनों और सार्वजनिक स्थानों में पुलिस की जांच चल रही है। पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वह महत्वपूर्ण भवनों में सीसीटीवी कैमरे स्थापित करें। सरकार निरंकारी भवनों और अन्य धार्मिक स्थलों में भी सीसीटीवी कैमरा स्थापित करने के लिए निर्देश देगी।
एचएस फूलका मानसिक संतुलन खो बैठे हैं
कैप्टन ने कहा कि सेना प्रमुख के खिलाफ दिया गया एडवोकेट एचएस फूलका का बयान निंदनीय है। सेना प्रमुख पर इस प्रकार की टिप्पणी करने से प्रतीत होता है कि फूलका अपना मानसिक संतुलन खो बैठे हैं। उन्होंने कहा कि जमीनी सच्चाई जानने के बाद आधारहीन बयान देना फूलका जैसे वरिष्ठ नेताओं को शोभा नहीं देता।