पंजाब में लोकसभा चुनाव के मद्देनजर सुरक्षा कड़ी।
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लोकसभा चुनाव के दौरान असामाजिक तत्व किसी प्रकार की गड़बड़ी न फैला सकें, इसके लिए पंजाब पुलिस ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। पंजाब में प्रवेश करने वाले हर रास्ते पर कड़ी नाकाबंदी की गई है। नशा तस्करों और गैंगस्टरों पर खास नजर रखी जा रही है। समय समय पर शहरों-गांवों में फ्लैग मार्च निकाले जा रहे हैं।
पंजाब पुलिस और केंद्रीय हथियारबंद पुलिस बलों की टीमें राज्य के संवेदनशील स्थानों पर विशेष नजर बनाए हुए हैं। पंजाब में आम चुनाव के आखिरी पड़ाव में 1 जून को मतदान होगा। स्पेशल डीजीपी लॉ एंड ऑर्डर अर्पित शुक्ला के अनुसार डीजीपी गौरव यादव के दिशा-निर्देशों की पालना करते हुए एसपी और एसएसपी के नेतृत्व में पुलिस टीमों ने सभी 28 पुलिस जिलों में कड़े प्रबंध किए हैं।
राज्य के 200 से अधिक एंट्री और एग्जिट प्वाइंट पर करीब 60 स्थायी, करीब 150 अस्थायी और आधुनिक यंत्रों वाले 10 से अधिक हाईटेक नाके लगाए गए हैं। आबकारी अधिकारियों को इन अंतरराज्यीय नाकों का हिस्सा बनने के लिए आदेश दिए गए हैं। राज्य के संवेदनशील और अति-संवेदनशील क्षेत्रों पर दबदबा बनाने के लिए केंद्रीय हथियारबंद पुलिस बलों (सीएपीएफ) की 25 से अधिक कंपनियां राज्य के संवेदनशील जिलों में तैनात की गई हैं। आदर्श चुनाव आचार संहिता लागू होने के बाद भगोड़े अपराधियों के विरुद्ध चल रही विशेष मुहिम के दौरान पंजाब पुलिस ने अब तक करीब 500 भगोड़ों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है।
बिना जांच प्रवेश की अनुमति नहीं
स्पेशल डीजीपी अर्पित शुक्ला के अनुसार इस अभ्यास का उद्देश्य किसी भी असुखद स्थिति से निपटने के लिए पुलिस मुलाजिमों को तैयार करने के साथ-साथ आम लोगों में विश्वास की भावना को बढ़ाना है। प्रदेश के सभी एसपी और एसएसपी को पहले ही राज्य में विशेष नाके लगाने और गश्त करने वाली पार्टियों को अपने-अपने अधिकार क्षेत्रों में समाज विरोधी तत्वों पर नजर रखने के लिए निर्देश दिए गए हैं। अपराधियों, नशा और गैर कानूनी शराब तस्करों के आने-जाने पर रोक लगाने के लिए सरहदी जिलों के एसएसपी को अंतरराज्यीय नाके लगा कर सरहदों को सील करने के लिए कहा गया है और किसी भी व्यक्ति को भी उनकी और उनके वाहनों की चेकिंग और जांच किए बिना राज्य में प्रवेश व बाहर न जाने देने के लिए निर्देश दिए गए हैं।