चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी गत शनिवार को वीडियो बनाकर वायरल करने का मामला सामने आया था। साथ ही उसी रात वहां पर जमकर बवाल हुआ था। उसके तुरंत बाद पुलिस ने आरोपी छात्रा, उसके दोस्त सन्नी और रंकज वर्मा निवासी शिमला को गिरफ्तार किया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान ने स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम एसआईटी गठित की थी। एसआईटी ने करीब 11 घंटे तक विभिन्न चरणों में पूछताछ की थी।
पूछताछ में आरोपी छात्रा ने दलील रखी थी कि उसने तो अपने दोस्त को ही अपना वीडियो भेजा था। वहीं, एक अन्य नंबर के पास उसके वीडियो कैसे पहुंचा उसे कुछ पता नहीं है। साथ ही उक्त नंबर वाला आरोपी उसे ब्लैकमेल कर रहा था। उसे धमकियां दे रहा था कि वह उसे लड़कियों के वीडियो बनाकर भेजें, वरना उसके वीडियो वायरल कर देगा। इसके बाद पुलिस ने आरोपी लड़की व अन्य आरोपियों के मोबाइल फोरेंसिक जांच के लिए भेजे। साथ ही सारी नंबरों की लोकेशन व अन्य जानकारी जुटी। जिसके बाद नंबर की लोकेशन असम की आ रही थी। फिर जिला पुलिस ने सेना के अधिकारियों से संपर्क कर सारी बात रखी। जिसके बाद टीम अरेस्ट वारंट लेकर आरोपी को काबू करने रवाना हुई थी।
अब खुलेगी केस की सारी परतें
एसआईटी की मेंबर डीएसपी खरड़ रूपिंदर कौर सोही ने बताया कि जैसे ही टीम आरोपी को लेकर खरड़ पहुंचेगी। उसके बाद पूछताछ में साफ होगा कि आखिर चौथे आरोपी के पास आरोपी छात्रा के वीडियो कैसे पहुंचे ।क्या आरोपी छात्रा और अन्य सभी लोग एक दूसरे को पहले से जानते थे या फिर छात्रा के दोस्त ने फौजी को वीडियो भेजकर सारी खेल रचा है।
यह टीम कर रही है जांच
इस मामले की जांच के लिए गठित एसआईटी में एसपी काउंटर इंटेलिजेंस रूप रूपिंदर कौर भट्टी अगुवाई वाली टीम के दो मेंबर खरड़ की डीएसपी सिटी एक रूपिंदर कौर व डीएसपी एजीटीएफ दीपिका सिंह जांच कर रही है। डीजीपी ने कहा कि इस मामले के दोषियों को माफ नहीं किया जाएगा। साथ ही सभी को इंसाफ दिया जाएगा।