फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Amritpal Arrested: सरेंडर के लिए भिंडरावाले के गांव पहुंचा अमृतपाल, गुरुद्वारे में प्रवचन देने के बाद गिरफ्तार

Sun, 23 Apr 2023 08:59 AM IST
विजय पुंडीर एएनआई, अमर उजाला, मोगा

सार

Amritpal Singh Arrested: जिस गांव से अमृतपाल सिंह की गिरफ्तारी हुई है वह जरनैल सिंह भिंडरावाले का गांव रोडे है। गिरफ्तारी से पहले अमृतपाल ने यहां गुरुद्वारा साहिब से संबोधित किया था।
विज्ञापन
अमृतपाल सिंह - फोटो : ANI
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

वारिस पंजाब दे प्रमुख अमृतपाल सिंह को मोगा से गिरफ्तार कर लिया गया है। बताया जा रहा है कि मोगा के गांव रोड़े के गुरुद्वारा में सरेंडर करने से पहले उसने गुरुद्वारा साहिब से संबोधित किया था। यह जरनैल सिंह भिंडरावाला का गांव रोडे है। यही उसकी दस्तारबंदी हुई थी। उसने कहा कि उसके जैसे आते जाते रहेंगे, लेकिन युवा नशे छोड़े और अमृत ग्रहण करे। अब उसे बठिंडा एयरपोर्ट से असम की डिब्रूगढ़ भेजा जाएगा। डिब्रूगढ़ जेल में अमृतपाल सिंह के कईं साथी कैद हैं। कहा जा रहा है कि बठिंडा एयरपोर्ट पर ही अमृतपाल सिंह का मेडिकल होगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

अमृतपाल सिंह 36 दिन बाद पुलिस के हाथ लगा है। पुलिस अमृतपाल को कई दिनों से देश के कई हिस्सों में तलाश कर रही थी। उसने भी अपने समर्पण को लेकर कई बार संदेश भेजे लेकिन वह अब तक गिरफ्त से बाहर रहा। 

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, अमृतपाल सिंह को असम की डिब्रूगढ़ जेल भेजा जाएगा। बता दें कि पंजाब पुलिस पहले ही खालिस्तान समर्थक के खिलाफ सख्त राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए) लगा चुकी है। सिंह 18 मार्च से फरार चल रहा था जब उसके और उसके सहयोगियों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई शुरू की गई थी। 

कौन है अमृतपाल सिंह?
अमृतपाल सिंह वारिस पंजाब दे संगठन का प्रमुख है। इसने करीब पांच महीने पहले ही इस संगठन की बागडोर संभाली थी। अमृतपाल अमृतसर के गांव जंडुपुर खेरा का रहने वाला है। 2012 से पहले ही अमृतपाल का परिवार दुबई चला गया था। वहां परिवार ने ट्रांसपोर्ट का काम शुरू कर दिया। 2013 में दुबई में ट्रांसपोर्ट का कामकाज अमृतपाल देखने लगा।

अगस्त 2022 में अमृतपाल दुबई से अकेला ही पंजाब आया था। अक्तूबर में अमृतपाल ने जरनैल सिंह भिंडरावाला के गांव रोडे में ‘वारिस पंजाब दे’ संगठन के नए मुखिया के तौर पर ओहदा संभाला। यह संगठन दिल्ली हिंसा के आरोपी दीप सिद्धू ने बनाया था। इस दौरान अमृतपाल ने खुद को जरनैल सिंह भिंडरांवाला का अनुयायी बताते हुए सिख युवाओं को अगली जंग के लिए तैयार होने का आह्वान किया था। इसके बाद खुफिया एजेंसियां सतर्क हो गई थी। उसके बारे में जांच शुरू की गई। खालिस्तानी विचारधारा का पाठ उसे दुबई में ही पढ़ाया गया है। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें