पंजाब के महाधिवक्ता विनोद घई के साथ मंत्री कुलदीप धालीवाल
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कनाडा से निर्वासन का सामना कर रहे 700 भारतीय छात्रों को अपना पक्ष रखने का मौका मिलेगा। कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने संसद में कहा है कि वह प्रत्येक मामले का मूल्यांकन करेंगे और धोखाधड़ी के शिकार लोगों को अपना पक्ष रखने का अवसर देंगे। कनाडा के प्रधानमंत्री ने संसद में कहा कि वह अंतरराष्ट्रीय विद्यार्थियों के मामले से अच्छी तरह से वाकिफ हैं। उनका सिस्टम विद्यार्थियों के साथ धोखाधड़ी करने वाले आरोपियों की पहचान करने में लगा है।
पीड़ित विद्यार्थियों की हालत के बारे में सिख मूल के एनडीपी नेता जगजीत सिंह द्वारा उठाए गए सवाल पर उन्होंने कहा कि पीड़ितों को अपना पक्ष और सबूत पेश करने का पूरा मौका दिया जाएगा। सिंह ने पीड़ितों का मामला पेश करते हुए ट्रूडो से पूछा कि क्या प्रधानमंत्री प्रभावित होने वाले इन सभी विद्यार्थियों के निर्वासन पर रोक लगाएंगे और इनके लिए स्थायी निवास का मार्ग प्रशस्त करेंगे।
सिंह की पार्टी एनडीपी इन विद्यार्थियों को डिपोर्ट किए जाने के आदेश को रद्द करने के लिए एक प्रस्ताव पेश करने की तैयारी में है। उनके निवास के लिए एक स्थायी रास्ता निकाला जा रहा है।
पंजाब सरकार मुफ्त देगी कानूनी सहायता
पंजाब के एनआरआई मंत्री कुलदीप सिंह धालीवाल ने कहा कि कनाडा में फंसे छात्रों को पंजाब सरकार मुफ्त कानूनी सहायता उपलब्ध करवाएगी। इसके लिए कनाडा के इमीग्रेशन कानूनों के माहिरों की मदद ली जाएगी। छात्रों की मदद के लिए धालीवाल ने कनाडा के पंजाबी मूल के सभी सांसदों को एक चिट्ठी भी लिखी है। इससे पहले उन्होंने वीडियो कॉल से छात्रों से बातचीत भी की।
इमीग्रेशन कंपनियों की होगी पड़ताल
पंजाब सरकार ने पूरे राज्य में इमीग्रेशन कंपनियों की 10 जुलाई तक पड़ताल करने का फैसला लिया है। गत 10 साल में अगर किसी प्रवासी पंजाबी को गलत मामले में जानबूझकर फंसाया गया है या झूठे पर्चे दर्जे किए गए हैं तो उन लोगों को भी इंसाफ दिलाने का फैसला लिया गया है। इस संबंध में पंजाब भवन में गुरुवार को एक उच्चस्तरीय बैठक भी हुई। उन्होंने सभी डिप्टी कमिश्नरों और एसएसपी को हिदायत दी कि ट्रेवल एजेंटों और इमीग्रेशन एजेंसियों के कागजों की पड़ताल करके 10 जुलाई तक रिपोर्ट भेजी जाए।
यह है मामला
कैनेडियन बॉर्डर सर्विस एजेंसी (सीबीएसए) के मुताबिक 700 से अधिक भारतीय विद्यार्थियों को निर्वासन का सामना करना पड़ रहा है, क्योंकि शैक्षणिक संस्थान में उनके प्रवेश प्रस्ताव पत्र नकली हैं। इनमें से ज्यादातर विद्यार्थी 2018 और 2019 में पढ़ने के लिए कनाडा गए थे। धोखाधड़ी का पता तब चला जब विद्यार्थियों ने कनाडा में स्थायी निवास के लिए आवेदन किया। विद्यार्थी 29 मई से मिसिसागा के एयरपोर्ट रोड पर सीबीएसए के मुख्य कार्यालय के बाह संघर्ष कर रहे हैं। वहां पर रहे कि पंजाबी सिंगर उनके समर्थन में आ चुके है।