ठंडी सड़क पर कान के पिछले हिस्से में गोली मारकर मौत के घाट उतारे गए युवा अकाली नेता सुखण सिंह अपने मां-बाप का इकलौता सहारा था। सिविल अस्पताल पहुंचे दोस्त प्रगट सिंह ने आरोप लगाया कि हत्यारों का इरादा लूट के बजाय सुक्खन की हत्या करने का ही था। उसने बताया कि हत्यारे सुक्खन के पास मौजूद चालीस हजार रुपये और उसका लाइसेंसी रिवाल्वर ले गए, जबकि गले में पहनी सोने के चेन और अंगूठी को छुआ तक नहीं।
प्रगट ने बताया कि सुक्खन फाइनेंस का काम करता था। शनिवार को शाम सुक्खन ने परिवार वालों को फोन कर कहा था कि चालीस हजार रुपये निकालकर रखें, उसे किसी को ब्याज पर देने हैं। इसके बाद सुक्खन घर से चालीस हजार रुपये लेकर चला गया। देर रात उसे पुलिस के जरिये पता चला कि सुक्खन की किसी ने गोली मारकर हत्या कर दी है।
हत्या के बाद पुलिस कंट्रोल रूम पर किसी ने फोन करके बताया कि कोई ठंडी सड़क पर एक्टिवा समेत गिरा पड़ा है। पुलिस पहुंची तो वह सुक्खन निकला और गोली लगने से उसकी मौत हो चुकी थी। सुक्खन मां-बाप का इकलौता बेटा और उसकी अभी शादी भी नहीं हुई थी। कुछ माह पहले न्यूजीलैंड से लौटी अपनी बड़ी बहन की शादी के लिए सुक्खन दूल्हे की तलाश कर रहा था।
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