लोगों ने डिच मशीन के आगे लेटकर कार्रवाई का विरोध शुरू कर दिया। ग्लाडा की कार्रवाई जारी रही। कार्रवाई के दौरान वहां बने पुराने मंदिर को तोड़ दिया गया। वहां मूर्तियां खंडित हो गई। इससे लोग गुस्से में आ गए। भाजपा नेता कांतेंदु शर्मा, तीर्थ तनेजा, धर्मेद शर्मा, जतिंदर गोरेयन प्रदर्शनकारियों के समर्थन में पहुंच गए।
भाजपा नेताओं ने धार्मिक स्थल पर कार्रवाई करने का विरोध शुरू किया तो लोगों ने भी इस कार्रवाई के लिए विधायक संजय तलवाड़, पार्षद पति दीपक उप्पल और गौरव भट्टी को जिम्मेदार ठहराते हुए प्रदर्शन शुरू कर दिया। इसी बीच उपद्रवियों ने ग्लाडा कर्मियों पर पथराव कर दिया। पथराव में कई कर्मियों को चोटें आई। उपद्रवियों को खदेड़ने के लिए पुलिस कर्मियों को लाठीचार्ज करना पड़ा। पुलिस ने भाजपा नेताओं को हिरासत में ले लिया। इलाके में तनाव होने की सूचना मिलने पर थाना मोती नगर की पुलिस और खुद उच्चाधिकारी भी वहां पहुंच गए।
भाजपा नेताओं को हिरासत में लेने विरोध
पुलिस की ओर से भाजपा नेताओं को हिरासत में लेने की सूचना मिलने पर पार्टी के जिला महासचिव कांतेंदु, नवल जैन के अलावा शिवसेना नेता मुकेश शर्मा, हिंदू नेता लक्की कपूर समेत अन्य लोग मौके पर पहुंच गए। सभी ने विरोध जताया कि ग्लाडा के अधिकारियों ने साजिश के तहत धार्मिक स्थल को निशाना बनाया है।
धार्मिक स्थल पर कार्रवाई करनी थी तो कम से कम पहले नोटिस दिया जाना चाहिए था। भाजपा और हिंदू नेताओं ने ग्लाडा के अधिकारियों के खिलाफ धार्मिक भावनाएं आहत करने के आरोप में कार्रवाई करने की मांग एसीपी से की है। ग्लाडा मुलाजिम और शिवसेना-भाजपा नेता एक दूसरे के खिलाफ थाने में शिकायत देने पहुंचे।
जांच के बाद होगी कार्रवाई: एसीपी
एसीपी सिमरनजीत सिंह लंग ने बताया कि कब्जे हटाने की कार्रवाई में विघ्न डालने के लिए जिन लोगों ने पथराव किया है, उनकी पहचान की जा रही है। पथराव करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी। रही बात ग्लाडा अधिकारियों के खिलाफ लगे आरोपों की, इस बारे में लिखित शिकायत मिलने के बाद जांच की जाएगी और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई होगी।