प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने जम्मू-कश्मीर के पूर्व मंत्री अब्दुल रहीम राथर के बेटे हिलाल के खिलाफ बैंक धोखाधड़ी से संबंधित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गुरुवार को कई जगह छापा मारा। अधिकारियों ने बताया कि लुधियाना, जम्मू-कश्मीर और दिल्ली में 16 जगहों पर छापे की कार्रवाई की गई।
लुधियाना में नाइग्रा इंफ्रा कंपनी पर छापा मारा गया। कंपनी के गांव कटानी कलां स्थित मुख्यालय और सराभा नगर स्थित कंपनी के मालिक के घर में सर्च की गई। घर पर लगभग सुबह आठ बजे ईडी की टीम पहुंच गई थी। यहां दोपहर तीन बजे तक तलाशी अभियान चला। अधिकारियों ने काफी दस्तावेज कब्जे में लिए हैं। सूत्रों का कहना है कि प्रवर्तन निदेशालय को नाइग्रा इंफ्रा और हिलाल के बीच लेन-देन के कुछ सुबूत मिले थे। इसी के आधार पर यह कार्रवाई की गई।
ईडी ने हिलाल राथर और अन्य के खिलाफ प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) के तहत मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज किया है। यह मामला 177.68 करोड़ रुपये के बैंक धोखाधड़ी मामले में सीबीआई की एफआईआर और आयकर विभाग की जांच का संज्ञान लेते हुए दर्ज किया गया। अधिकारियों ने कहा कि छापों का मकसद और सुबूत जुटाना है।
सीबीआई का आरोप है कि हिलाल ने नियमों और दिशानिर्देशों का उल्लंघन करते हुए 177.68 करोड़ रुपये का कर्ज लेने के लिए जेएंडके बैंक के तत्कालीन अधिकारियों के साथ आपराधिक साजिश को अंजाम दिया। हिलाल के पिता अब्दुल रहीम राथर तत्कालीन जम्मू-कश्मीर राज्य के वित्तमंत्री रह चुके हैं और नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता हैं।