वहीं, सूत्रों के अनुसार हादसे के एक दिन बाद अलकनंदा नदी के किनारे दो पगड़ी और इनोवा कार के कुछ टूटे पार्ट्स बरामद हुए थे। ऐसा कहा गया था कि सभी इनोवा गाड़ी सहित अलकनंदा नदी में समा गए थे। उत्तराखंड पुलिस ने लापता तीर्थयात्रियों को ढूंढने के लिए पुलिस टीमों का भी गठन किया था लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिली थी।
इसके बाद पुलिस ने इस मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया था। पंजाब और उत्तराखंड की सरकारों के ठंडे रवैये के कारण परिवार ने उत्तराखंड हाईकोर्ट में याचिका दायर कर सीबीआई जांच की मांग की थी। पिछले साल अदालत के आदेश के बाद सीबीआई ने जांच शुरू कर दी।
सीबीआई सूत्रों के अनुसार, इस हादसे में जो सामान मिला था, उनमें दो आधार कार्ड व एक मोबाइल फोन था। फोन लापता हरकेवल सिंह का था। इनोवा का शीशा बरामद किया गया है। उत्तराखंड में भारी बारिश के कारण भूस्खलन होने से हादसे का संभावित स्थान चट्टानों से ढक गया है। जब भी मौसम साफ होगा, सीबीआई घटनास्थल पर जाकर जांच करेगी।