मंगलवार को सुनवाई के दौरान बलवंत सिंह मुल्तानी के वकील प्रदीप सिंह विर्क ने सैनी की जमानत याचिका का विरोध किया और याचिका में कई तथ्यों को हवाला दिया। इसमें यह दिखाने की कोशिश की गई कि सैनी ने किस तरह अपनी शक्ति का गलत इस्तेमाल किया था। विर्क ने अदालत से कहा था कि अगर सैनी को हिरासत में लेकर पूछताछ नहीं होती है तो इस केस में कुछ नहीं रह जाएगा। क्योंकि सैनी की गिरफ्तारी के बाद ही मुल्तानी की हत्या की पूरी कहानी साफ हो पाएगी।
इस हत्याकांड में कौन लोग शामिल थे, इसका भी पता चल जाएगा। वहीं, दूसरी ओर सैनी ने पहले मिली जमानत के दौरान भी अदालत की ओर से लागू किए गए नियम तोड़े हैं। उन्हें कहा गया था कि वह घर से बिना बताए कहीं नहीं जाएंगे। इसके बाद भी सैनी अपने घर से बाहर गए हैं।
राजनीति से प्रेरित बताया मामला
वहीं, अदालत में डीजीपी सैनी के वकीलों ने इस मामले से जुड़े कई तथ्य भी उठाए। उन्होंने कहा कि सैनी पंजाब के डीजीपी रहे हैं, उन्होंने अपने समय में काफी बढ़िया काम किया था। ऐसे में उन्होंने कई राजनेताओं पर भी कार्रवाई की थी। इसलिए उनसे राजनीतिक बदला लिया जा रहा है। सैनी के वकीलों ने कहा कि वह इस मामले में हाईकोर्ट जाएंगे।
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