26 जनवरी की घटना के बाद किसान आंदोलन एक मजबूत दिशा में आगे बढ़ा है, जो निश्चित ही सफल होकर रहेगा। अब किसान आंदोलन को पंजाब की पंचायतों और खाप पंचायतों का भी समर्थन मिल रहा है। आंदोलन में शामिल होने के लिए किसी पंचायत से 10 तो कहीं से 5 किसान शामिल हो रहे हैं। पंजाब के हर गांव से किसान आंदोलन को समर्थन मिल रहा है।
लक्खा सिधाना पर हो चुका है फैसला
पंजाब किसान यूनियन के प्रधान मानसा ने कहा कि संयुक्त किसान मोर्चा दिल्ली हिंसा के आरोपी लक्खा सिधाना पर फैसला ले चुका है। अब वह आंदोलन के मंच से भाषण देगा। दीप सिद्धू को लेकर अभी कोई फैसला किसान संगठनों ने नहीं लिया है।
‘कैप्टन ने ठेके क्यों नहीं किए बंद’
कोरोना संक्रमण को लेकर पंजाब में स्कूलों को बंद किए जाने पर मानसा ने कैप्टन के फैसले पर एतराज जताया। उन्होंने कहा कि पंजाब के मुख्यमंत्री ने स्कूलों को तो बंद कर दिया लेकिन शराब के ठेकों को नहीं। यह फैसला न्यायोचित नहीं है।