‘दुखी रग पंजाब दी’ नाटक का मंचन
- फोटो : अमर उजाला
इंपैक्ट आर्ट्स की ओर से वीरवार को पंजाब कला भवन में थिएटर फेस्टिवल की शुरुआत हुई। दो दिवसीय फेस्टिवल के पहले दिन ‘दुखी रग पंजाब दी’ नामक नाटक का मंचन किया गया। इस नाटक का लेखन और निर्देशन राजविंदर समराला ने किया।
नाटक के दौरान दिखाया गया कि सुखदर्शन सिंह फौज में हवलदार होता है। वह छुट्टी मिलने के बाद अपने गांव आ जाता है। एक दिन उसे सूचना मिलती है कि कारगिल की लड़ाई शुरू हो गई है, छुट्टी कैंसिल कर दी गई और आपको वापस ड्यूटी ज्वाइन करनी है। वह लौटने की तैयारी शुरू कर देता है और जाते समय पत्नी से कहता है कि लड़ाई शुरू हो गई है, मुझे वापस जाना है। वह पत्नी पिंदर कौर से क हता है कि अगर मैं जंग में शहीद हो जाऊं तो बेटे हरजोत को फौज में ही भर्ती करवाना। इतना कहकर वह चला जाता है।
एक दिन खबर आती है कि जंग के दौरान लड़ाई करते हुए सुखदर्शन सिंह देश के लिए कुर्बान हो जाता है। इस बात की सूचना मिलने के बाद परिवार में सन्नाटा छा जाता है। समय के साथ-साथ कहानी आगे बढ़ती है और सुखदर्शन का बेटा हरजोत जवान होता दिखाई देता है। जवानी की दहलीज पर वह गलत संगत में पड़ जाता है और नशा करने का आदी हो जाता है। परिवार और करीबी दोस्तों के मना करने के बावजूद वह नशा लेना बंद नहीं करता है। अंत में हद से अधिक नशा करने से एक दिन हरजोत की मौत हो जाती है।
इस नाटक के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि नशे के दुष्परिणामों के बारे में लोगों को जागरूक करो ताकि आज की युवा पीढ़ी इससे दूर रह सके।