राष्ट्रीय खेल दिवस विशेष...
-अब एशिया कप में दमखम दिखाएंगे सूबे के खिलाड़ी, हॉकी टीम में पंजाब के 10 खिलाड़ी शामिल
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अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। पंजाब हॉकी के स्वर्णिम युग की तरफ बढ़ रहा है। इस समय भारतीय हॉकी टीम में पंजाब से ही सबसे अधिक खिलाड़ी है। हॉकी में हमेशा से ही प्रदेश का विशेष योगदान रहा है और सूबे ने हॉकी को फिर से जिंदा कर दिया है। यह कहना है कि भारतीय हॉकी टीम के पूर्व दिग्गज खिलाड़ी मेजर ध्यानचंद के बेटे अशोक ध्यानचंद का। राष्ट्रीय खेल दिवस के मौके पर अमर उजाला ने पूर्व हॉकी खिलाड़ी से विशेष बातचीत की। राष्ट्रीय खेल दिवस मेजर ध्यानचंद की जयंती पर ही 29 अगस्त को मनाया जाता है।
अशोक ध्यानचंद ने कहा कि पंजाब में बड़े स्तर पर हॉकी के खिलाड़ी तैयार हो रहे हैं। जालंधर पहले से ही इसका गढ़ था, लेकिन अब अन्य जिलों में भी हॉकी का क्रेज बढ़ रहा है, जो भारतीय हॉकी के लिए अच्छा है। शुक्रवार से बिहार में हॉकी का एशिया कप शुरू होने वाला है और इसमें हिस्सा लेने वाली भारतीय टीम में पंजाब के 10 खिलाड़ी शामिल हैं। इसमें हरमनप्रीत सिंह, गोलकीपर कृष्ण बी पाठक, जरमनप्रीत सिंह, जुगराज सिंह, राजिंदर सिंह, हार्दिक सिंह, मनप्रीत सिंह, मंदीप सिंह, सुखजीत सिंह और दिलप्रीत सिंह शामिल हैं। राष्ट्रीय खेल दिवस पर ही एशिया कप की शुरुआत हो रही है और इसमें भी देश के साथ ही पंजाबियों को भी टीम के अच्छे प्रदर्शन की आस है।
ध्यानचंद का भी पंजाब से था विशेष लगाव
अशोक ने कहा कि पिता ध्यानचंद का भी पंजाब से विशेष लगाव था, क्योंकि वह फिरोजपुर में भी रहे। वह अपने आप को महान खिलाड़ी नहीं मानते थे लेकिन उनसे प्रभावित होकर ही भारतीय हॉकी को इतने खिलाड़ी मिले हैं। हॉकी ने हमेशा से ही लाज बचाई है। टोक्यो और पेरिस ओलंपिक में भी दोनों बार हॉकी की टीम देश के लिए मेडल लेकर आई। इस टीम में दोनों बार ही पंजाब के खिलाड़ी शामिल थे। यह 52 साल में पहली बार है कि हॉकी की टीम लगातार दो बार मेडल जीतकर आई। इससे पहले लगातार दो बार पदक 1968 में मैक्सिको और 1972 में म्यूनिख में जीते गए थे।