डेरा प्रमुख राम रहीम की पेशी के दौरान हुई हिंसा को लेकर दायर जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने दोनों राज्यों को मुआवजा वितरण तथा आंकलन के कार्य में पारदर्शिता के लिए ट्रिब्यूनल के गठन के निर्देश जारी किए हैं। इसके साथ ही डेरे से गायब लोगों के मामले में हरियाणा सरकार को अब तक की जांच की स्टेटस रिपोर्ट पेश करने के आदेश दिए हैं।
हालांकि अधिकतर वकील इस बात को लेकर एकमत थे ट्रिब्यूनल का गठन राज्य सरकारों की बजाए हाईकोर्ट की निगरानी में किया जाए तथा हाईकोर्ट पूरे घटनाक्रम पर अपनी निगरानी रखे। इसे लेकर अभी कोई फैसला नहीं हुआ है। हाईकोर्ट में बुधवार को सुनवाई के दौरान हरियाणा के मुकाबले पंजाब खासा सक्रिय नजर आया। पंजाब के महाधिवक्ता अतुल नंदा ने कहा कि इस प्रकरण में अब तक कुल 59 एफआईआर दर्ज की जा चुकी है और पंजाब सरकार का पैरा मिलिट्री फोर्स की तैनाती पर कुल 169 करोड़ रुपये खर्च आया है।
एडवोकेट नवकिरण सिंह ने कोर्ट बताया कि डेरे से अब तक 25 लोग गायब हो चुके हैं । इस संबंध में 18 एफआईआर दर्ज हैं। जिनके बारे में आज तक किसी को कोई जानकारी नहीं मिल पाई है कि ये लोग कहां गए। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने सही तरह से जांच ही नहीं की है। इस पर हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार को अगली सुनवाई पर स्टेटस रिपोर्ट पेश करने का आदेश दिया। इसी तरह हरियाणा सरकार की तरफ से कोर्ट हाईकोर्ट को बताया गया की डेरा मामले में कुल 240 एफआईआर दर्ज की गई है और 1862 लोग गिरफ्तार किए गए है। सभी जांच अधिकारियों को निर्देश दिए गए है कि वो 30 सितम्बर से पहले इलाका मजिस्ट्रेट के पास केस डायरी जमा करवा दे। इन सभी केस की जांच एडीजीपी स्तर के अधिकारी पी के अग्रवाल कर रहे हे।