एसिड अटैक की शिकार पीड़िता ने पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को एक पत्र लिख राहत की गुहार लगाई, जिस पर संज्ञान लिया गया। पीड़िता ने पत्र के माध्यम से दस लाख रुपये मुआवजा, नौकरी और पांच हजार रुपये प्रतिमाह पेंशन दिए जाने की मांग की है। इस पत्र पर संज्ञान लेते हुए पीआईएल बेंच ने पंजाब सरकार को 24 अप्रैल के लिए नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
पत्र में बताया गया है कि 31 जनवरी 2011 को पीड़िता जब अपनी मां के साथ रिक्शे पर सवार होकर कहीं जा रही थी। उसी दौरान कुछ युवकों ने उस पर एसिड अटैक किया। हमले में उसका चेहरा पूरी तरह से झुलस गया। बठिंडा की जिला रेड क्त्रसॅस सोसाइटी ने 25 हजार रुपये और बठिंडा की जिला लीगल सर्विस अथॉरिटी ने दो लाख रुपये मुआवजा दिया था। पत्र में बताया गया है की पीड़िता की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं है।
वैसे भी इस हमले के बाद से उसका जीवन बर्बाद हो चुका है। महज मुआवजा जारी करने भर से कुछ नहीं होगा, उसे दस लाख रुपये मुआवजा, नौकरी और प्रतिमाह पांच हजार पेंशन भी जारी की जाए। उसे पता चला है की सरकार की स्कीम में ऐसा प्रावधान है। पीड़िता ने यह भी बताया है कि उस पर एसिड अटैक के आरोपियों को जिला अदालत बरी कर चुकी है। उसने जिला अदालत की ओर से आरोपियों के बरी होने के फैसले को पहले ही हाईकोर्ट में चुनौती दी है। लिहाजा उसे अब तत्काल यह मुआवजा और नौकरी दी जाए।