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सजा होने के बाद भी बच्चों के 'बलात्कारी' को शर्म नहीं, हाईकोर्ट ने ठुकराई याचिका

Sun, 05 Mar 2017 09:16 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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जुल्फिकार को सजा
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मासूम बच्चों के 'बलात्कारी' जुल्फीकार खान को सजा होने के बाद भी शर्म नहीं। अब वह सजा के खिलाफ हाईकोर्ट पहुंच गया, जहां से उसे राहत नहीं मिली। थिएटर एज एनजीओ के संस्थापक जुल्फिकार खान ने सजा और जुर्माने के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील की थी, जिसमें उसे कोई राहत नहीं मिली।
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शुक्रवार को पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने इस मामले में केवल जुर्माने पर रोक लगाई और सजा पर किसी भी प्रकार की राहत से इनकार करते हुए अपील एडमिट कर दी। इससे पहले भी एक अन्य मामले में हाईकोर्ट ऐसा ही आदेश दे चुका है।

जुल्फिकार को तीन मामलों में जिला अदालत से सजा सुनाई गई थी। 23 दिसंबर को जुल्फिकार को जिला अदालत ने सात सजा की सजा के अलावा उस पर दस हजार रुपये का जुर्माना लगाया था। अदालत ने उसे कुकर्म और युवाओं को आपत्तिजनक चीजें दिखाए जाने की धाराओं के तहत दोषी करार दिया था।
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इस तरह से हुआ था मामले का खुलासा

जुल्फिकार को मिलेगी सजा - फोटो : अमर उजाला
जुल्फिकार की गिरफ्तारी 11 जुलाई 2015 को ठीक उसके जन्म दिन के मौके पर की गई थी, तब से वह सलाखों के पीछे है। पुलिस के अनुसार जुल्फिकार बच्चों को कोक के अंदर ड्रिंक भी मिलाकर दिया करता था। बच्चों को वह नाइट टाइम में पढ़ाने के बहाने बुलाया करता था, कुछ बच्चे तो यौन उत्पीड़न के आदी भी हो गए थे, लेकिन डर के मारे कोई मुंह नहीं खोलता था।

शिकायत और आरोप के अनुसार जुल्फिकार उनसे कई सालों से कुकर्म कर रहा था और उस वक्त वह नाबालिग भी थे। वहीं, शिकायतकर्ता को 2013 में इसके बारे में पता चला था, लेकिन उसके पास सबूत नहीं थे, जिसे बाद में चोरी के इलजाम में एनजीओ से निकाल दिया गया था, बाद में एक गुप्त सूचना के आधार पर  जुल्फिकार की यह सब हरकतें एक मोबाइल में कैद की गई थीं।

मामले की जांच टीम ने छापेमारी के दौरान दोषी के सेक्टर-25 घर की अलमारी से अश्लील सीडी बरामद की थी। पुलिस जांच में मोबाइल से बरामद अश्लील चित्र भी केस को साबित करने में अहम रहा।
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