पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने मंदिरों और स्कूलों के नजदीक बने शराब के ठेकों पर कड़ा रुख अपनाते हुए सभी शराब के ठेकों की लोकेशन के अनुसार सूची तलब कर ली है। साथ ही हरियाणा सरकार को संकेत दिया कि अगले आदेशों पर पूरे राज्य का ऐसा ब्योरा मांगा जा सकता है। 26 सितंबर तक यह जानकारी हाईकोर्ट को सौंपी जानी है। मामले में याचिका दाखिल करते हुए कर्नल एसएस ओबेरॉय ने कहा कि मंदिरों और स्कूलों के नजदीक खुले ठेकों के चलते पूरी व्यवस्था बिगड़ रही है।
एक्साइज विभाग ठेकों की जगह को मंजूरी देता है जिसके चलते अक्सर आबादी क्षेत्र में ठेके खोल दिए जाते हैं। इससे अक्सर ट्रैफिक जाम लगता है और कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इस व्यवस्था में परिवर्तन जरूरी है और ठेकों की जगह तय करने का जिम्मा एक्साइज विभाग के स्थान पर एमसी को दिया जाना चाहिए। एमिकस क्यूरी ने कहा कि यह हाल केवल गुरुग्राम का नहीं, बल्कि हरियाणा और पंजाब के लगभग सभी एमसी में यही हाल है। हाईकोर्ट ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए गुरुग्राम में मौजूद सभी ठेकों की जानकारी मांग ली है।
स्थानीय लोगों के सुझाव भी सुने जाने चाहिए
खास बात यह है कि इन ठेकों की लोकेशन बताने के भी आदेश दिए गए हैं ताकि याची के दावे को जांचा जा सके। हाईकोर्ट ने कहा कि यह स्थिति अति विकट है और ऐसे में अभी तो केवल गुरुग्राम का डाटा मांगा गया है आगे हरियाणा सरकार पूरे प्रदेश का डाटा सौंपने के लिए भी तैयार रहे। याचिकाकर्ता ने कहा कि एमसी के आधीन ठेके के स्थानों की व्यवस्था को लाने के साथ ही वहां के लोगों के सुझावों को भी ठेका आरंभ होने से पहले सुना जाना चाहिए।