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गेस्ट लेक्चरर्स को छुट्टियों का वेतन, केस में हाईकोर्ट ने सुनाया फरमान

Wed, 19 Oct 2016 08:12 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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कोर्ट - फोटो : डेमो फोटो
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सरकारी कालेजों में नियुक्त गेस्ट लेक्चरर्स को मिले छुट्टियों का वेतन केस में पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट ने बड़ा फरमान सुनाया है। हाईकोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले के आधार पर सरकारी कालेजों के गेस्ट लेक्चररों को छुट्टियों की अवधि के लिए भी वेतन का भुगतान करने की मांग पर फैसला लेने को कहा है।
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याची मुखवीर सिंह व 33 अन्य गेस्ट लेक्चरर ने याचिका के जरिए मांग की है कि मौजूदा शैक्षिक सत्र के दौरान पड़ने वाली छुट्टियों के लिए भी उन्हें वेतनमान दिया जाए। जस्टिस दया चौधरी की बेंच के समक्ष दायर याचिका में कहा गया है कि उन्हें शैक्षिक सत्र समाप्त होते ही नौकरी से हटा दिया जाता है।

फिर नया शैक्षिक सत्र शुरू होते ही ड्यूटी पर ले लिया जाता है। याचिका में आगे कहा गया है कि इस तरीके से गेस्ट लेक्चररों को गर्मी की छुट्टियों की अवधि में वेतन से वंचित कर दिया जाता है।
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एक मामले में लिए गए फैसले का हवाला दिया गया

कोर्ट
याची के वकील ने अदालत के समक्ष पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट द्वारा ऐसे ही एक मामले में पांच मई, 2016 को दिए गए उस फैसले का भी हवाला दिया, जिसमें हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार को छुट्टियों की अवधि के लिए गेस्ट लेक्चररों को वेतन का भुगतान करने के निर्देश दिए थे।

इसके अलावा, जस्टिस दया चौधरी की बेंच के समक्ष सुप्रीम कोर्ट द्वारा 11 नवंबर, 2011 को अवतार सिंह बनाम पंजाब राज्य केस में दिए गए फैसले का हवाला भी दिया गया, जिसके जवाब में सुप्रीम कोर्ट ने 17 अप्रैल, 2015 को पंजाब सरकार द्वारा फाइल की गई एसएलपी को खारिज कर दिया था।

उक्त याचिका के मामले में याचिकाकर्ताओं के वकील ने अदालत से आग्रह किया कि गेस्ट लेक्चररों के कम से कम 17 अप्रैल, 2015 से ग्रीष्मकालीन अवकाश की अवधि के लिए वेतन दिया जाए। इस पर हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार को याचिकाकर्ताओं की मांग पर ध्यान देकर तीन महीने में मामले का हल निकालने के निर्देश दिए।
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